अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
राई थाना क्षेत्र के गांव में रह रही महिला ने 26 फरवरी को पुलिस को बताया था कि उसके पति कंपनी में काम करते हैं और परिवार सहित किराये के कमरे में रहते हैं। उनके पड़ोस में बबलू नाम का 35 साल का व्यक्ति भी किराये पर रहता है। महिला ने बताया था कि 26 फरवरी की शाम को उसकी चार साल की बेटी व उसके जेठ के बच्चे कमरे के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान बबलू उसकी बेटी को खाने का सामान देने के बहाने अपने कमरे में लेकर गया था। बाद में जब वह बाहर आई तो आरोपी के कमरे से बेटी के रोने की आवाज सुनी थी। जब वह उसके कमरे में गई तो आरोपी उसकी बेटी के साथ गलत काम कर रहा था। उसकी बेटी के कपड़े अस्त-व्यस्त थे और कपड़ों पर खून भी लगा था। आरोपी उसे देखकर मारने की धमकी देते हुए धक्का देकर भाग गया था। वह अपनी बच्ची को लेकर अस्पताल में गई थी। वहां से उसकी बेटी को खानपुर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। बाद में महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया था। वह बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है। बच्ची आरोपी को चाचा कहती थी। राई थाना पुलिस ने 27 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने वीरवार को बबलू को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना और 506 में दो साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।