सोनीपत। मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 21 नवंबर को वर्ष 2024 के अंतिम गुरु पुष्य नक्षत्र योग का निर्माण हो रहा है। इसे सौ संयोग के समान एक शुभ मुहूर्त माना जाता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में नया काम व व्यापार शुरू करने से लेकर संपत्ति, आभूषण, गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य खरीदारी करना शुभ माना गया है। लोग गुरु पुष्य नक्षत्र में बिना मुहूर्त देखे खरीदारी कर सकते हैं।
श्री देवी चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि 21 नवंबर को इस साल का अंतिम गुरु पुष्य नक्षत्र योग रहेगा। इस योग में मांगलिक कार्य सहित खरीदारी कर सकते हैं। गुरु पुष्य नक्षत्र योग में भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी रहेगी। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ करना शुभ फलदायी माना गया है। इस योग में खरीदारी करने से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली का वास होता है। गुरु पुष्य नक्षत्र योग में चांदी का लक्ष्मी यंत्र या सोने व पीतल की वस्तुएं खरीद सकते हैं। देवगुरु बृहस्पति धन, सुख-समृद्धि के कारक हैं। इससे घर में लक्ष्मी जी का वास होने के साथ देवगुरु बृहस्पति की कृपा मिलती है। इस दिन पीले रंग की वस्तुएं, वस्त्र, वाहन-मकान, सोने-चांदी, धार्मिक सामग्री व किताबें भी खरीद कर सकते हैं। 27 नक्षत्रों में से जब 8वें पुष्य नक्षत्र का वीरवार के दिन निर्माण हो तो इस संयोग को गुरु पुष्य योग कहा जाता है। देवगुरु बृहस्पति भी इसी नक्षत्र में पैदा हुए थे। इस संयोग को गुरु पुष्य नक्षत्र योग या गुरु पुष्य अमृत योग के नाम से भी जाना जाता है।
यह रहेंगे चार योग व शुभ मुहूर्त
पंडित अमित शौनक ने बताया कि 21 नवंबर को चार शुभ योग गुरु पुष्य नक्षत्र योग, रवि योग, अमृत सिद्धि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। सभी योग वीरवार को चार गुणा फल प्रदान करेंगे। गुरु पुष्य नक्षत्र योग 21 नवंबर को सूर्योदय से प्रारंभ होकर दोपहर 3:35 बजे तक रहेगा। रवि योग 21 नवंबर को दोपहर 2:50 से 22 नवंबर को सुबह 6:50 बजे तक, अमृत सिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग 21 को सुबह 6:49 बजे से दोपहर 3:35 बजे तक रहेगा। यह योग मिथुन, धनु व मीन राशि वालों के लिए अति शुभ रहेगा।