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कोरोना की जांच के लिए 5000 सैंपल लेकर संक्रमित हुए लैब तकनीशियन, अब ठीक होते ही दोबारा संभाली ड्यूटी

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शहर के नागरिक अस्पताल में लैब तकनीशियन अजीत नैन कोरोना जांच के लिए 5000 सैंपल लेने के बाद खुद संक्रमित हो गए। इस पर उन्होंने खुद को होम आइसोलेट कर लिया। परिवार की जांच कराई तो अन्य सदस्य नेगेटिव मिले। अजीत नैन ने घर पर ही रहकर चिकित्सकों की सलाह से इलाज शुरू किया और योग करने के अलावा मां के हौसला बढ़ाने से कोरोना को मात दी। इसके बाद कोरोना की जंग जीतते ही अजीत नैन ने 11वें दिन रिपोर्ट नेगेटिव लेकर अपनी ड्यूटी संभाल ली।
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महम रोड पर रहने वाले अजीत नैन नागरिक अस्पताल में लैब तकनीशियन हैं। घर में पिता रामस्वरूप, मां चंद्रो देवी, पत्नी पूनम देवी व बेटा अंकित नैन हैं। नागरिक अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। इनमें एक टीम में अजीत नैन की ड्यूटी लगी हुई है। उन्होंने जब से ड्यूटी संभाली तो लगातार संदिग्धों के सैंपल लिए और 26 अप्रैल को 5000 सैंपल लेने के बाद खुद भी संक्रमित हो गए। संक्रमित होने पर उन्होंने परिवार से अलग खुद को होम आइसोलेट कर लिया। सभी सदस्यों की कोरोना की जांच भी कराई, लेकिन सब नेगेटिव मिले। इसके बाद उनकी मां ने 10 दिन तक उनकी संभाल की। सुबह-शाम बेहतर खान-पानी देने के साथ ही लगातार उनका हौसला बढ़ाया, जिससे उनकी 11वें दिन ही रिपोर्ट नेगेटिव आई और उसी समय उन्होंने दोबारा ड्यूटी संभालते हुए फिर से कोरोना के सैंपल लेने शुरू कर दिए।
दो बार कराए सैंपल, तीसरी बार मिली पॉजिटिव मिले
अजीत नैन ने 24 अप्रैल को रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर आरटीपीसआर टेस्ट कराया। चिकित्सकों ने सैंपल लेकर गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच के लिए भेजा। वहां साथी के पहले सैंपल लगवाने पर रिपोर्ट नेगेटिव बताई गई, जबकि हालत खराब थी। चिकित्सकों से बात की तो अस्पताल में भेजी गई सूची में पॉजिटिव बता दिया गया। इस तरह एक ही सैंपल की रिपोर्ट अलग मिलने पर अजीत नैन को परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन फाइनल रिपोर्ट पॉजिटिव मिली और घर पर योग के साथ ही बेहतर खान-पान व सकारात्मक सोच के सहारे कोरोना से जंग जीती। अजीत नैन ने कहा कि कोरोना होने के बाद घबराना नहीं चाहिए। सकारात्मक सोच, बेहतर खान-पान, योग व चिकित्सकों की सलाह से कोरोना को हराना आसान है।
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