कुंडली/खरखौदा। केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे के बिंदरौली व पिपली टोल प्लाजा पर जाम लगाने व भीड़ एकत्रित कर कोविड नियमों की अवहेलना करने पर कुंडली व खरखौदा थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। टोल प्जाला के मैनेजर के बयान पर कुंडली थाना में आठ नामजद समेत 140 अन्य और खरखौदा थाना में नौ नामजद समेत 150 के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस टीम ने कोविड नियमों की पालना नहीं करने की धाराओं को भी जोड़ा है।
यूपी के जिला गाजियाबाद के गांव अर्थला निवासी रवींद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि वह बिंदरौली टोल प्लाजा पर बतौर सीनियर मैनेजर नियुक्त हैं। वह रविवार शाम को टोल प्लाजा पर थे। वहां पर एसडीएम शशि वसुंधरा के साथ ही डीएसपी वीरेंद्र पैरामिलट्री फोर्स व पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे। इसी दौरान करीब 140 लोग ट्रैक्टर-ट्राली व झंडे लेकर आ गए। उन्होंने ट्रोल को फ्री कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उन्हें समझाते हुए कोरोना महामारी फैलने के चलते भीड़ नहीं जुटाने को भी कहा। उसके बावजूद वह नहीं माने और वाहनों को केएमपी पर रोककर जाम लगा दिया। साथ ही सड़क पर ही बैठ गए। सीनियर मैनेजर ने बताया कि आंदोलनकारियों में शामिल लोगों ने अपने नाम अभिमन्यु, जय सिंह, रतिराम, कृष्ण, बिसन, विकेश, नवनीत, वेदप्रकाश आदि बताए थे। पुलिस ने रवींद्र के बयान पर आठ नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं पिपली टोल प्लाजा के मैनेजर कर्ण सिंह गहलोत ने खरखौदा थाना पुलिस को बताया कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलनकारी किसानों की तरफ से कई महीनों से टोल प्लाजा फ्री करवाए गए थे। जिन्हें 13 अप्रैल को फिर से प्रशासन की ओर से शुरू करवा दिया गया था। रविवार को आंदोलनकारी पिपली टोल पर पहुंचे थे और घंटों तक बैठकर टोल को फ्री कराए रखा। शाम को आंदोलनकारियों के लौट जाने पर फिर से प्रशासन ने टोल को शुरू करवा दिया था। वहीं इसके बाद अब टोल मैनेजर की शिकायत पर टोल पर जाम लगाने, धारा 144 की पालना न करने व आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य धाराओं का उल्लंघन करने के तहत खरखौदा पुलिस ने नौ नामजद लोगों सहित करीब 150 लोगों के मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।