सोनीपत/खरखौदा। कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने जिन टोल प्लाजा को फ्री कराया हुआ था, उनको पुलिस व प्रशासन ने दस दिन पहले चालू करा दिया था। जिससे रविवार को किसान दोबारा से टोल प्लाजा फ्री कराने के लिए केएमपी पर पहुंचे। किसानों के पहले पिपली टोल पर पहुंचने से वहां पुलिस के साथ नोकझोंक हुई और किसान वहां से टोल फ्री कराकर बिंधरौली पहुंच गए। वहां किसानों ने धरना शुरू कर दिया और वह टोल प्लाजा भी फ्री करा दिया। इस तरह केएमपी के दो टोल फ्री करा दिए गए, लेकिन रविवार की शाम को करीब तीन घंटे बाद किसानों के जाने पर पुलिस ने पिपली टोल को शुरू करा दिया। इस तरह टोल प्लाजा को लेकर किसानों व पुलिस में दिनभर खींचतान चलती रही।
किसानों ने केएमपी व केजीपी के टोल प्लाजा को फ्री कराया हुआ था, लेकिन पुलिस व प्रशासन ने दस दिन पहले सभी टोल शुरू करा दिए थे। उसके बाद से टोल प्लाजा पर वाहनों से वसूली शुरू हो गई थी। जिसको देखते हुए किसान नेताओं ने एक दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह रविवार को केएमपी के टोल प्लाजा फ्री कराएंगे। जिसे देखते हुए डीएसपी डा. रविंद्र व एसडीएम खरखौदा डा. अनमोल रविवार सुबह ही भारी पुलिस बल व अद्र्धसैनिक बल के जवानों के साथ केएमपी पर पहुंच गए। किसान-मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिमन्यू कोहाड़ के नेतृत्व में काफी किसान पहले केएमपी के पिपली टोल पर पहुंचे। जिनको रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां पुलिस के साथ किसानों की काफी देर नोकझोंक हुई और किसानों के धरना देकर बैठ जाने से टोल को फ्री करा दिया गया। उसके बाद भी किसान नेताओं व अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन उसको लेकर कोई समाधान नहीं निकल सका। उसके बाद कुछ किसान पिपली टोल प्लाजा पर बैठे रहे तो वहां से अधिकतर किसान बिंधरौली में मुख्य टोल प्लाजा पर चले गए। वहां भी किसान धरना देकर बैठ गए और टोल प्लाजा को फ्री करा दिया गया। जिससे वहां से वाहन बगैर टोल दिए ही निकलने लगे। लेकिन पिपली टोल प्लाजा से रविवार शाम को सभी किसान चले गए तो पुलिस ने उसे दोबारा से शुरू करा दिया। इस तरह से दिनभर टोल को लेकर खींचतान चलती रही।
किसानों को दिया विकल्प, उनके वाहनों से नहीं वसूलेंगे टोल, मानने से इंकार
किसान नेताओं ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि टोल को फ्री करके वह आगे बढना चाहते है और उनको आगे बढने दिया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान नेताओं को एक विकल्प दिया कि टोल से किसानों के वाहनों को फ्री में आवागमन करने दिया जाएगा, जबकि अन्य वाहनों से टोल वसूलने दिया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि यह फैसला संयुक्त मोर्चा लेगा। जब तक कानून वापसी नहीं होगी तो टोल फ्री रहने दिया जाए। ऐसे में घंटों तक खींचतान चलती रही।
महिलाओं ने गाए गीत, टोल पर चखा लंगर
टोल फ्री करवाने पहुंचे किसानों में काफी महिलाएं थी। उन महिलाओं ने किसानों के बीच बैठकर नारेबाजी की और फिर ट्रैक्टर-ट्राली की छांव तले महिलाओं ने गीत गाने शुरू कर दिए। वहीं मुख्य टोल प्लाजा पर पहुंचकर किसानों ने धरना शुरू कर दिया और वहां उनके लिए लंगर बनवाया गया। उसके बाद केएमपी पर बैठकर ही किसानों ने लंगर चखा।
किसान को बर्बाद करना चाहती है सरकार
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि केंद्र की सरकार किसान को बर्बाद करना चाहती है। इसे लेकर रोजाना नए-नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई कृषि कानून वापस होने तक जारी रहेगी। वहीं खरखौदा अनाज मंडी के आढ़तियों पर साइलो में गेहूं देने का दबाव बनाया जा रहा है, इसके चलते मंडी में गेहूं की खरीद तक नहीं की जा रही है। अगर ऐसा ही रहा तो किसान खरखौदा अनाज मंडी में एकत्रित होने का काम करेगा।
केएमपी के मुख्य टोल प्लाजा पर मौजूद भारी पुलिस व अर्द्धसैनिक बल- फोटो : Sonipat
केएमपी पर टोल प्लाजा फ्री कराने पहुंचे किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ से बातचीत करता पुलिस अधिकारी।- फोटो : Sonipat