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एक्सप्रेस-वे पर जरा संभलकर...गड्ढों से जानलेवा बना केएमपी

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केएमपी पर लेवल के अभाव में धंसी सड़क। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे की हालत बदतर होती जा रही है। सड़क का लेवल सही नहीं है और कई जगह से टूट चुकी है, जहां पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। कुंडली से मानेसर के बीच करीब 83 किलोमीटर की दूरी में 58 से अधिक स्थानों पर कहीं गहरे गड्ढे हो गए हैं तो कहीं रोड असमतल है, जिससे जान का खतरा बना रहता है। केएमपी पर बने गड्ढों के कारण तेजरफ्तार वाहन अनियंत्रित हो जाता हैं। पिछले एक सप्ताह में छह से अधिक हादसे हो चुके हैं, जिनमें 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
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सवा साल पहले 1500 करोड़ से ज्यादा खर्च करके बनाए गए केएमपी का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी से कराया गया था। उसके बाद से अधिकारी इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहे। केएमपी का पत्थर 2003 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था। 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने दोबारा से केजीपी के साथ इसका शिलान्यास किया था। इसको पलवल से मानेसर तक वर्ष 2016 में शुरू कर दिया गया था, लेकिन मानसेर से कुंडली तक 19 नवंबर 2018 को शुरू किया गया है। यह एक्सप्रेस वे सोनीपत में कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खरखौदा, बहादुरगढ़, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होता है, जिसपर 1500 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए गए हैं। इसका 19 नवंबर, 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करते ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था। हाईवे पर आसपास के गांवों के लोगों को निकलने के लिए पुलिया बनाई गई है, लेकिन पुलिया बनाते हुए वहां पर लेवल सही नहीं लिया गया। इसके साथ ही केएमपी पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस कारण ही वाहन चालकों की जान को खतरा बना हुआ है। एक्सप्रेस-वे पर पुलिया के ऊपर या गड्ढे में वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते है और उससे वाहन भिड़ जाते है। मुख्य टोल प्लाजा के पास भी हादसा होने का भय बना रहता है। एक्सप्रेस-वे पर प्रतिदिन 70 से 80 हजार लोग आवागमन करते हैं। अब वाहन चालक टोल प्लाजा पर सड़क की शिकायत करके आगे निकल रहे है।
लगातार हादसों में लोग हो रहे घायल
एक्सप्रेस-वे के टूटने व कुंडली से मानेसर तक करीब 22 पुलिया हैं, जहां लेवल सही नहीं होने पर कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। केएमपी पर करीब कारों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है। ऐेसे में गड्ढों के कारण हादसों का डर रहता है। यहां तक की कुछ दिन पहले एक दूल्हे की कार भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। कुछ दिन पहले एक कार सवार कई लोगों को चोट लगी थी। इसके साथ ही एक ट्रक व कैंटर के टकराने से उसमें सवार लोगों को भी चोट आई थी और चालक के दोनों पैर भी कट गए थे। सप्ताह भर में ही इस मार्ग पर आधा दर्जन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए और उनमें करीब 20 लोगों को चोट लगी है।
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फेसबुक पर लाइव आकर दिखाई बदतर स्थिति
भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बड़खालसा ने फेसबुक पर लाइव आकर केएमपी की दुर्दशा से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि केएमपी पर टूटी सड़क पर ईंट व झाड़ियां तक डाल रखी हैं। जिससे हादसे का भय बना रहता है। इस दिशा में सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए। लोग इस मार्ग से गुजरने के लिए मोटा टोल टैक्स दे रहे हैं। उसके बावजूद सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं।
केएमपी पर कई जगह सड़क टूटने की जानकारी मिली है, जिसकी टेस्टिंग शुरू करा दी गई है। जल्द ही गड्ढों को भरने के साथ ही जहां सड़क का लेवल बिगड़ा है, वहां उसे भी सही कराया जाएगा। जल्द ही केएमपी को पहले की तरह से बेहतर बना दिया जाएगा।
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- सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी

केएमपी पर टूटकर बिखरी सड़क।- फोटो : Sonipat

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