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खादर की 153 एकड़ जमीन का विवाद : ग्रामीणों ने रिकॉर्ड गायब करने का लगाया आरोप

Fri, 03 Nov 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। हरियाणा-उत्तर प्रदेश में जारी सीमा विवाद के बीच दीक्षित अवार्ड के तहत मानी गई सीमाबंदी के बाद यूपी की करीब 153 एकड़ जमीन सोनीपत के गांव बडौली में आ गई थी। इस जमीन को लेकर विवाद जारी है। यूपी के जिला बागपत के गांव फैजपुर निनाना के ग्रामीणों ने वीरवार को गांव की सरपंच प्रीति के पति रोहित के नेतृत्व में सोनीपत लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी से मिलकर शिकायत दी।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव की शामलात भूमि को गांव के कुछ लोगों के नाम किए जाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। इसमें दोनों ओर के कुछ अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बागपत प्रशासन से मिलकर सोनीपत के राजस्व विभाग के अधिकारी ने रिकॉर्ड गायब करने में भूमिका निभाई है। उन्होंने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।
उनका आरोप था कि वर्ष 1974 में सीमा विवाद को लेकर जो समझौता हुआ था उसे दीक्षित अवार्ड का नाम दिया गया था। अब सोनीपत और बागपत प्रशासन को गुमराह कर कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। यमुना के बहाव के चलते यूपी के बागपत के गांव निनाना की जमीन का कटाव होकर सोनीपत के गांव बड़ौली क्षेत्र में गई थी। करीब 153 एकड़ जमीन पर अब निनाना के 27 किसानों ने अपना हक जताया है। जमीन की चकबंदी तक हो चुकी थी, लेकिन अब अचानक एक ऐसी सूची सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि जमीन गांव निनाना के 27 ग्रामीणों की है। यह सूची जब हरियाणा में सोनीपत प्रशासन को भेजी गई तो यहां पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण इसे सत्यापित करने के लिए यूपी के बागपत प्रशासन को भेजा गया था।
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हैरानी की बात यह है कि बागपत के सर्वे विभाग ने रिकॉर्ड न होने के बावजूद सूची को सत्यापित कर दिया। इस कार्रवाई पर निनाना की प्रधान व कुछ ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। निनाना के ग्रामीण सोनीपत के राजस्व विभाग कार्यालय से रिकॉर्ड मांगने के लिए भी पहुंचे थे। जब रिकॉर्ड नहीं मिला तो अब ग्रामीणों ने सीधे तौर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। गांव की सरपंच प्रीति के पति रोहित, पूर्व सरपंच नरेश आदि ने बताया कि रिकॉर्ड जानबूझकर गायब किया गया है। फाइल से केवल वही कागजात गायब किए गए हैं, जो जमीन को गांव की शामलात भूमि होना सिद्ध करते हैं। उन्होंने उपायुक्त से कार्रवाई की मांग की है। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
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