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ज्योतिबा फुले ने बाल विवाह, जाति प्रथा का किया था विरोध : प्रवीन

Sun, 12 Apr 2026 05:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : सोनीपत के गांव ककरोई में सम्मानित बच्चों के साथ बुद्धा एज्युकेशन सोसाइटी के पदा​धिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। गांव ककरोई में बुद्धा एजुकेशन सोसाइटी की ओर से महिला शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। मुख्य वक्ता प्रोफेसर प्रवीन कुमार सिंघल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया।
इनमें बाल विवाह का विरोध, जाति व्यवस्था का विरोध, महिलाओं के लिए शिक्षा व्यवस्था करने के लिए सबसे पहले अपनी अर्धांगिनी सावित्री बाई फुले को शिक्षित करके प्रथम शिक्षिका बनाकर लड़कियों के लिए स्कूल खोले। विधवाओं के पुनर्विवाह करवाने में सहयोग किया।
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सोसाइटी के प्रधान धर्मपाल तूर ने सभी उपस्थित विद्यार्थियों को शिक्षण सहायक सामग्री देकर सम्मानित किया। इस दौरान ब्रह्मा सिंह बौद्ध, तिलक राज बौद्ध, जयपाल सिंह, बलबीर सिंह, कप्तान सिंह, लेखराज, जगदीश चंद्र सिंघल, दलेल सिंह, ताराचंद, संगीता, सोनिया, लता, कविता, मीना भी मौजूद रहे।
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