फोटो 08: सोनीपत में गोहाना रोड पर बैठक करती जनवादी महिला समिति की पदाधिकारी। स्रोत: समिति
सोनीपत। जनवादी महिला समिति की पदाधिकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश के मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने की निंदा की। जिला अध्यक्ष सृजावती ने कहा कि हिजाब आस्था, पहचान और व्यक्तिगत पसंद की अभिव्यक्ति है। किसी महिला के यह तय करने के अधिकार में दखल देना कि वह क्या पहनेंगी।
संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 का उल्लंघन है। जनवादी महिला समिति की पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को अपने पहनावे का फैसला करने का अधिकार उनकी गरिमा, स्वायत्तता और समानता का अभिन्न अंग है।
ऐसे अपमानजनक व्यवहार मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक हाशिए पर धकेलने की स्थिति को और गहरा करता है। अनुशासन, एकरूपता के बहाने मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाना संस्थागत भेदभाव के अलावा और कुछ नहीं है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार तुरंत महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए स्पष्टीकरण जारी करें। किसी भी महिला या लड़की को उसके पहनावे के आधार पर शिक्षा या सार्वजनिक सेवाओं से वंचित न किया जाए। इस दौरान जिला सचिव शीला बुटाना, सह सचिव लक्ष्मी छिल्लर भी मौजूद रहीं।