फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जगबीर ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया, चम्मच से शरीर को गोदते रहे आरोपी

विज्ञापन
कारागार में हुई हत्या के बाद जेल के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारी। - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
जिला कारागार में हुई जगबीर की हत्या के मामले में सामने आया है कि उसने हत्या से पहले अपने बचाव में काफी संघर्ष किया था। हालांकि हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण वह अपनी जान नहीं बचा सका। जगबीर शनिवार को कारागार में लाया गया था। उसे 16 फरवरी को सीआईए ने अवैध हथियार सहित पकड़ा था।
विज्ञापन

जिला कारागार में जगबीर (33) की हत्या के मामले में जांच में सामने आया है कि उसके शरीर पर चोट के दर्जनभर निशान है। जिसमें उसके सीने पर चम्मच को घिसकर नुकीला बनाने के बाद कई वार किए गए हैं। उसके सीने के साथ ही हाथ से लेकर सिर तक कई वार मिले हैं। जिससे साफ है कि उसने बचने के लिए काफी संघर्ष किया था। इसी संघर्ष में उस पर कई वार किए गए हैं। हाथों व सिर पर वार से साफ है कि उसने हमलावरों से बचने का प्रयास किया था। हमलावरों ने उसे पकड़कर उसके सिर को चक्की में मार रखा है। भागने के दौरान उसके सिर को चक्की में मारने का शक है। इसके साथ ही बाद में उसके गले को भी परना से दबाया गया था। जिससे साफ है कि हमलावर नहीं चाहते थे कि वह किसी तरह बच जाए।
16 फरवरी को पकड़ा गया, सुधीर की हत्या का षड्यंत्र रचना कबूला
सीआईए की टीम ने जगबीर को 16 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से अवैध पिस्तौल मिला था। पुलिस के अनुसार जगबीर ने कबूल किया था तो वह खानपुर के सुधीर की हत्या का षड्यंत्र रच रहा था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सुधीर की रैकी भी कराई थी। पुलिस का कहना था कि जगबीर सुधीर से पैसों के लेनदेन में रंजिश रखता था। साथ ही अब उसने सुधीर के बहनोई नरेंद्र के साथ हाथ मिला लिया था। नरेंद्र के खिलाफ सुधीर ने कई मुकदमे दर्ज करा रखे हैं। जिसमें वह पैरवी न कर सके इसके लिए उसने अपने जीजा पर उसकी हत्या का षड्यंत्र रचने का मुकदमा जगबीर की गिरफ्तारी वाले दिन ही दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें