सोनीपत। जिला परिषद की सदन बैठक के दौरान ड्यूटी स्टांप से मिले 17 करोड़ रुपये से गांवों में विकास कार्य करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जिला पार्षदों से एक सप्ताह के अंदर विकास कार्यों की सूची मांगी गई है। इस दौरान भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा।
वहीं, पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर गांवों में काम नहीं कराया गया तो वह सरकारी कार्यालयों पर ताला जड़ने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा। जिला पार्षदों ने स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में बनाए गए शौचालयों के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग की।
जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया की अध्यक्षता में डीआरडीए हॉल में हुई सदन की बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों पर समय पर काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को घर बनाने के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है।
पात्र परिवारों ने अपने घर बनाने शुरू कर दिए, लेकिन एक किस्त के बाद दूसरी नहीं मिलने से उनका निर्माण कार्य अटक गया है। ऐसे में उनकी छत भी छीन गई। कई परिवार खुले आसमान के नीचे सोने के लिए मजबूर हैं। जल्द योजना की दूसरी किस्त जारी की जाए।
जिला पार्षद संजय बड़वासनी, रवि इंदौरा और राजेश गंगाना ने कहा कि जब तक सरकार उनकी कोटा निर्धारित करने की मांग को पूरा नहीं करती है उनका विरोध जारी रहेगा। पार्षदों ने मुरथल रोड पर जिला परिषद की दुकानों के किराये को लेकर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि उक्त दुकानों पर मार्केट रेट के हिसाब से किराया प्राप्त करना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में मार्केट रेट से चार गुना कम किराया लिया जा रहा है। इससे जिला परिषद को आर्थिक नुकसान हो रहा है। विकास कार्यों के मुद्दे पर मुरथल खंड के एसडीओ के साथ जिला पार्षदों की बहस भी हुई।
यह उठीं मांगें
मुरथल रोड स्थित जिला परिषद की दुकानों का किराया मार्केट के हिसाब से तय किया जाए। अभी यह किराया साढ़े तीन हजार रुपये है।
बैठक में गांव थरिया और नांगल कलां में जरूरतमंद परिवारों को प्लॉट दिए जाएं।
शहजादपुर और थरिया गांव में पानी के ट्यूबवेल लगाए जाएं, ताकि ग्रामीणों को पेयजल मिल सके।
गांव जाहरी से खानपुर कलां के बीच लड़कियों के लिए बस सेवा शुरू की जाए।
सीईओ ने दिए निर्देश
जिला परिषद के सीईओ अभय जांगड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली, पानी और रास्तों के लिए सरकार से बजट जारी हो गया है। उन कार्यों को आपसी समन्वय कर समय से पूरा करें। इस दौरान उन्होंने बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी और रोडवेज के अधिकारियों के साथ भी पार्षदों की मांगों और जनता से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा की।