सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति कार्यालय में बिना काम के डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा पिछले दो वर्ष तक फ्री में तनख्वाह लेने के मामले की जांच शुरु कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभागों से डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा किए गए कार्यों का ब्योरा मांगा है।
डीक्रूटा ने उम्मीद जताई है कि शिक्षकों के लंबित मामलों को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीक्रूटा ने पिछले दिनों कर्मचारियों व छात्रों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय में जारी अव्यवस्थाओं को लेकर रोष प्रदर्शन किया था।
इसमें कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार को पिछले दो वर्ष से बिना कार्य के तनख्वाह देने का मामला जोर-शोर से उठाया था। डीक्रूटा अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि अब मामले में प्रशासन हरकत में आ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी जांच शुरू करते हुए विभागों से पिछले दो वर्ष का ब्योरा मांगा है।
डीक्रूटा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो वर्ष से परीक्षा की सभी ब्रांच, फैकल्टी, एकेडमिक ब्रांच, रजिस्ट्रेशन व स्कॉलरशिप ब्रांच, एकाउंट्स ब्रांच बिना किसी उच्च अधिकारी के ही चल रही हैं। इससे विश्वविद्यालय का डेली रूटीन का काम लगातार प्रभावित हो रहा है।
इसके विपरीत विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले दो वर्ष से डिप्टी रजिस्ट्रार को बिना काम के तनख्वाह दी जिससे विश्वविद्यालय को प्रति माह लाखों रुपये के नुकसान का अंदेशा है। डीक्रूटा ने उम्मीद जताई है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ जो जांच शुरु की है उसको निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा।