फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोशालाओं में हर महीने खर्च हो रहे 30 लाख, फिर भी भूखे मर रहे गोवंश, अव्यवस्था देख भड़के डीसी

विज्ञापन
कमासपुर गोशाला में व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देश देते डीसी श्यामलाल पूनिया - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
सोनीपत। निगम की गोशालाओं पर हर महीने 30 लाख रुपये खर्च हो रहे है। उसके बावजूद गोवंश भूखे मर रहे हैं और गोशालाओं में व्यवस्था नहीं सुधर रही है। गोशालाओं में कई-कई दिन तक चारा नहीं पहुंचता है तो चारा पहुंचाने में खेल भी किया जा रहा है। यह सबकुछ अमर उजाला ने उजागर किया तो डीसी श्यामलाल पूनिया शनिवार को खुद ही कमासपुर गोशाला में पहुंच गए। जहां अव्यवस्था देखकर डीसी भड़क गए और वहां के हालात नहीं सुधारने पर ठेकेदार को ठेका निरस्त करने की चेतावनी दी। इसके साथ ही डीसी ने चारा, डीजल और अन्य खर्च की जांच करने के आदेश दिए। डीसी ने गोशाला में लगातार हरा चारा की व्यवस्था कराने के साथ ही टिन शेड को जल्द पूरा कराने के लिए आदेश भी दिए।
विज्ञापन

कमासपुर गोशाला में कई दिनों तक गोवंश के लिए चारा नहीं पहुंचाया गया था और वहां भूख से गोवंश तड़प रहे थे तो वहां लगातार गोवंश की मौत हो रही है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र ने निरीक्षण करके चारा की व्यवस्था कराई थी। उसके बाद भी व्यवस्था पूरी तरह से नहीं सुधर सकी थी तो अब डीसी श्यामलाल पूनिया शनिवार को खुद ही कमासपुर गोशाला में निरीक्षण करने पहुंच गए। डीसी ने वहां देखा कि काफी समय से गोबर नहीं उठवाया गया है तो गोशाला में कई जगह दूषित पानी भरा हुआ है। यह देखकर डीसी भड़क गए और उन्होंने ठेकेदार से जल्द व्यवस्था ठीक कराने के आदेश दिए। डीसी ने कहा कि सबसे पहले ठेकेदार से कांटा पर्ची मंगवाई जाए तो डीजल व अन्य की पर्ची भी मंगवाकर जांच की जाए। डीसी ने कहा कि हर महीने हरसाना कलां व कमासपुर गोशाला पर 30 लाख रुपये खर्च हो रहे है, लेकिन जिस तरह के हालात है। उससे लग रहा है कि उन रुपयों को से ही ढंग से खर्च नहीं किया जा रहा है। डीसी ने गोशाला में भूसे व हरे चारा के मिश्रण आदि की व्यवस्था को देखकर उसमें सुधार करने के निर्देश दिए।
डीसी बोले मैं खुद देखूंगा व्यवस्था, गड़बड़ मिलने पर होगी कार्रवाई
डीसी श्यामलाल पूनिया को निरीक्षण के दौरान जब गोशाला में खामियां मिली तो उन्होंने कहा कि इसमें जल्द से जल्द सुधार किया जाए। क्योंकि वह खुद अब वहां की व्यवस्था को देखेंगे। डीसी ने कहा कि ठेकेदार को गोशाला में कमाई नहीं देखनी चाहिए, बल्कि यहां गोवंश की सेवा करनी चाहिए। लेकिन उसके बावजूद कमाई के चक्कर में व्यवस्था को बिगाड़ दिया गया है। डीसी ने कहा कि इस मामले में कोताही बरतने वाले ठेकेदार व कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तो वह खुद जांच करके ठेका भी निरस्त कर देंगे।
विज्ञापन

पशुपालन विभाग के डाक्टर को भी आड़े हाथों लिया
डीसी ने गोशाला में तैनात पशुपालन विभाग के डॉक्टरों तक को आड़े हाथों लिया। डीसी ने निर्देश दिए कि वह गोवंश के उपचार में आने वाले खर्च को स्पष्ट करें। इसकी व्यवस्था कौन करा रहा है और वह ठेके में शामिल है या नहीं। इन सभी की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया। डीसी ने गोशाला में हरा चारा भरपूर मात्रा में मंगवाने का निर्देश दिया तो टिन शेड का निर्माण भी जल्द पूरा कराने के लिए कहा गया। गोवंश को दफनाने की व्यवस्था भी डीसी ने देखकर फरीदाबाद की कंपनी से प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कहा। गोशाला में पौधरोपण कराने के लिए भी कहा, जिससे वहां का पर्यावरण बेहतर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें