उर्ध्वोभव के नाम से खुलवाए गए संयुक्त बैंक खाता का उद्घाटन करते प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक
- फोटो : Sonipat
मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल, राई अब जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की आर्थिक मदद करेगा। उनकी पढ़ाई-लिखाई के साथ प्रशिक्षण व खेल गतिविधियों तक में उनकी मदद होगी। इसके लिए स्कूल ने उर्ध्वोभव के नाम से एक संयुक्त बैंक खाता खुलवाया है। प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर व स्कूल की उप प्राचार्य मौसमी घोसाल के इस संयुक्त खाते के माध्यम से ही गरीब बच्चों की मदद की जाएगी।
इतना ही नहीं, उर्ध्वोभव के माध्यम से शहीद परिवारों की भी मदद होगी। ‘उर्ध्वोभव’ स्कूल का स्लोगन है। इसलिए इस नाम से बैंक खाता खुलवाया गया है। स्कूल स्टाफ के अलावा पूर्व विद्यार्थी व समाजसेवी संगठन इसमें सहयोग करेंगे। एक लाख रुपये के साथ शुरू किए गए इस खाते का विधिवत रूप से श्री गणेश नाबार्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रहे डॉ. हर्ष भानवाला ने किया। वर्तमान में वे कैपिटल इंडिया फाइनेंस में कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इस मौके पर प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर के अलावा स्कूल का अधिकांश स्टाफ मौजूद रहा।
डॉ. हर्ष भानवाला खुद भी इसी स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने अपनी तरह पूर्व विद्यार्थियों को भी आह्वान किया है कि वे राई परिवार का सदस्य बने और स्कूल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहयोग दें। विद्यार्थियों से सीधे संवाद में डॉ. भानवाला ने उनके सवालों के जवाब भी दिए और उनके करिअर को लेकर मार्गदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि आर्मी सेवाओं के अलावा सिविल सर्विस और बैंकिंग क्षेत्र में भी असीम संभावनाएं हैं।
स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा एनडीए प्रशिक्षण की शुरुआत को अच्छा कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि कर्नल अशोक मोर सेना में अच्छे अधिकारी ही नहीं रहे हैं, बल्कि उनका प्रशासनिक तजुर्बा भी है। डॉ. मोर ने कहा, उर्ध्वोभव के जरिये हम आर्थिक तौर पर कमजोर विद्यार्थियों की मदद करेंगे। यह खाता प्रधानमंत्री केयर फंड की तरह काम करेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल से पढ़कर निकले बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं, जो अब आगे आ रहे हैं और स्कूल के लिए काम भी कर रहे हैं।
शहीद स्मारक पर जाएंगे विद्यार्थी
स्कूल की एक टीम वीरवार को नई दिल्ली स्थित शहीद स्मारक पर जाएगी। प्राचार्य डॉ. कर्नल अशोक मोर व उप प्राचार्य मौसमी घोसाल के नेतृत्व में स्कूल के कप्तान भी साथ जाएंगे। दरअसल, स्कूल में अलग-अलग कक्षाओं के लिए कप्तान बनाए हुए हैं। इनमें 10 लड़के और 10 लड़कियां हैं। शहीद स्मारक से लौटने के बाद स्कूल के स्वर्ण जयंती शैक्षणिक सत्र की विधिवत रूप से शुरुआत होगी।