फोटो 16: सोनीपत के सेक्टर-23 में वीर गोकुला जाट के बलिदान दिवस पर नमन करते लोग। स्रोत: आयोजक
सोनीपत। सेक्टर-23 स्थित सामुदायिक भवन में सोमवार को वीर गोकुला जाट का बलिदान दिवस मनाया गया। स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देने के साथ संकल्प लिया कि वीर गोकुला के बलिदान की जानकारी राज्य के घर-घर तक पहुंचाई जाएगी।
आयोजक आनंद हुड्डा ने बताया कि गोकुला का जन्म फरीदाबाद जिले के गांव तिलपत में एक जमीदार के घर में हुआ। क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की धार्मिक, आर्थिक व कराधान आदि दमनकारी नीतियों से जनता त्रस्त थी।
उन्होंने आसपास के बीस हजार जाटों व किसानों को इकट्ठा कर सेना बनाई और मुगलों के खिलाफ कई लड़ाइयां जीतीं। यहां तक कि तिलपत की लड़ाई में मुगल सेना को पराजित करके मुगल फौजदार अब्दुल नबी खान को मार डाला था।
सादाबाद छावनी को नष्ट करने की वजह से औरंगजेब को बड़ी चोट पहुंची थी। बाद में धोखे से गोकुला को घेर लिया था। कई दिन तक चली लड़ाई के बाद उनको पकड़ लिया था। आगरा के किले में औरंगजेब ने उन्हें कलमा पढ़ने के लिए कहा मगर उन्होंने मना कर दिया। इस पर उनकी हत्या कर दी गई थी।
बलिदान दिवस कार्यक्रम में वेद ठेकेदार, राजेश प्रधान, डॉ. धर्मवीर मलिक योगी, वीरेंद्र दूहन, कुलदीप दहिया, दीपक दहिया, ओमप्रकाश लाकड़ा, सुरेंद्र श्योराण भी उपस्थित रहे।