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फिर छा गए हरियाणवी: निशानेबाजी विश्व कप में देश को दिलाया दूसरा स्थान, एक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते

Tue, 28 Mar 2023 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

कुरुक्षेत्र की बेटी नैन्सी ने 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत सात मेडल के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय राइफल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं हरियाणा राइफल एसोसिएशन के महासचिव अशोक मित्तल बोले कि बिना रेंज के भी देश में म्हारे खिलाड़ी नाम चमका रहे हैं। 
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स्वर्ण पदक विजेता सरबजोत के साथ हरियाणा राइफल एसोसिएशन के महासचिव अशोक मित्तल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में भोपाल में 21 से 27 मार्च तक हुए निशानेबाजी विश्वकप में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दूसरा स्थान दिलाया है। प्रतियोगिता में देश को सात पदक मिले, जिसमें से अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते। इतना ही नहीं हरियाणा की बेटी नैन्सी ने प्रतियोगिता में विश्व रिकॉर्ड बनाया, पर तकनीकी कारणों के चलते वह फाइनल मैच नहीं खेल पाईं।

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए आईएसएसएफ पिस्टल-राइफल निशानेबाजी विश्वकप में हरियाणवी छाए रहे। प्रदेश के अंबाला निवासी सरबजोत सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाजी में देश को एकमात्र स्वर्ण पदक दिलाया तो फरीदाबाद की बेटी रिदम सागवान ने वरुण के साथ मिलकर एयर पिस्टल में रजत पदक दिलाया।

साथ ही झज्जर की बेटी मनु भाकर ने 25 मीटर पिस्टल में देश को कांस्य पदक दिलाया। हरियाणा के तीनों खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया और प्रतियोगिता में चीन के बाद भारत को दूसरा स्थान दिलाया। कुरुक्षेत्र की बेटी नैन्सी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में विश्व रिकॉर्ड बनाया, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते वह फाइनल में भाग नहीं ले सकीं।
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भारतीय राइफल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं हरियाणा राइफल एसोसिएशन के महासचिव अशोक मित्तल ने कहा कि प्रदेश के निशानेबाज लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके बलबूते भारत विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है।

सोनीपत निवासी अशोक मित्तल बताते हैं कि प्रदेश में एक भी निशानेबाजी की रेंज नहीं होने के बावजूद खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनके समर्पण को दिखाता है। अगर हरियाणा में निशानेबाजों को रेंज की बेहतर सुविधा मिले तो इन पदकों की संख्या को दोगुना किया जा सकता है। म्हारे निशानेबाज तो बिना रेंज के देश और अपना नाम चमका रहे हैं।

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