सोनीपत/गोहाना/खरखौदा। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग के लिए चार माह से आंदोलनरत किसानों के शुक्रवार को 12 घंटे तक भारत बंद के आह्वान का जिले में मिला जुला असर दिखाई दिया। आंदोलन के चार माह पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किए गए बंद का बाजारों में असर नहीं दिखा। वहीं, हाईवे-केजीपी समेत 32 जगह किसानों ने सड़क जाम रखी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाल। उधर, बंद के दौरान दिल्ली में दूध व सब्जी की सप्लाई पर व्यापक असर पड़ा। शाम छह बजे किसानों के मार्गों से हटने के बाद ही वाहन चालकों को राहत मिली। इस दौरान दो स्थानों पर कहासुनी के दौरान तीन ग्रामीण घायल हो गए। वहीं एक स्थान पर किसानों और अधिकारियों के बीच बहस हुई।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार सुबह 6 बजे से किसानों ने भारत बंद की पहल शुरू कर दी थी। सुबह 7 बजे गोहाना के लाठ-जौली व मुंडलाना मार्ग पर किसानों ने जाम लगा दिया। इसके बाद केजीपी-केएमपी समेत नेशनल हाईवे-44 पर प्रीतमपुरा के पास किसानों ने सडक़ जाम कर दी। सुबह 10 बजे तक जिले में अलग-अलग स्थानों पर 32 जगह किसान सड़क पर उतर आए। जीटी रोड पर राई गांव के पास किसानों ने जाम लगाया तो वाहन चालक गांव से होकर गुजरने लगे। इससे गांव की गलियों में वाहनों की भीड़ लगी रही। हाईवे व अन्य मार्गों पर जाम के बाद पुलिस ने मशक्कत के बाद वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया।
प्रीतमपुरा, नाथूपुर व कुराड़ के सामने जाम लगाने व गांवों के अंदर से भी वाहनों को नहीं निकलने देने से दिल्ली में दूध व सब्जी की आपूर्ति प्रभावित रही। जाहरी चौक पर साउथ प्वाइंट के पास व बड़वासनी के पास पर किसानों ने सड़क जाम रखी। खरखौदा व गोहाना में करीब 25 स्थानों पर रास्ते रोके गए। कुराड़ के पास भारतीय किसान पंचायत ने जाम लगाया।
हाईवे पर पैदल चलने को मजबूर हुए यात्री
किसानों के भारत बंद के कारण हाईवे पर यात्री परेशान रहे। वाहन नहीं चलने से लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए पैदल ही यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा। खासकर सुबह दस बजे के बाद तो आवागमन पूरी तरह से बंद ही हो गया था।
संपर्क मार्गों पर लगी रही वाहनों की भीड़
हाईवे समेत अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से संपर्क मार्गों पर वाहनों की कतार लगी रही। इस कारण वाहन चालकों को भीड़ के कारण जाम से जूझना पड़ा। बारोटा रोड, राठधना रोड समेत शहर के अंदर भी कई मार्गों पर वाहन रेंगते रहे। संपर्क मार्गों से वाहनों की आवागमन दिनभर जारी रहा।
किसान करते रहे बाजार बंद की अपील
सोनीपत शहर में बाजार पर भारत बंद का असर दिखाई नहीं दिया। एक-दो दुकानों को छोड़कर ज्यादातर बाजारों में दुकान खुली रहीं। किसान शहर में दुकानदारों के पास जाकर उन्हें बंद में शामिल होने की अपील करते रहे, लेकिन दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद नहीं किया।
गोहाना : आढ़तियों ने बंद रखी अनाज मंडी
गोहाना में किसानों ने सात मुख्य मार्गों पर 15 स्थानों पर जाम लगाया। किसान सुबह ही मुख्य मार्गों पर अपने ट्रैक्टर लेकर पहुंचने शुरू हो गए थे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल के नेतृत्व में किसानों ने रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे पर रुखी और मुंडलाना में जाम लगाया। इसके बाद भैंसवान खुर्द, सैनीपुरा, जींद रोड पर बुटाना, नूरनखेड़ा, सफीदो रोड पर बिचपड़ी, जागसी, महम रोड पर कथूरा में दो जगह, मदीना मोड़ व छिछड़ाना, सोनीपत रोड पर लाठ-जौली चौक, खरखौदा रोड पर भैंसवाल कलां और बरोदा में जुलाना रोड को जाम किया। वहीं, आढ़तियों ने अनाज मंडी पूरी तक बंद रखी। सत्यवान नरवाल ने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं करती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
खरखौदा : दस स्थानों पर किसानों का जाम
खरखौदा में सुबह से ही किसान सड़क पर उतर आए। सिसाना गांव के साथ ही एनएच-334बी के टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। खरखौदा-सोनीपत मार्ग पर झरोठी मोड़ पर बने टोल प्लाजा पर किसानों ने जाम लगा दिया। बाद में सेहरी, सिलाना, थाना कलां, थाना खुर्द, तुर्कपुर, मंडोरा में भी जाम लगा दिया गया। किसान-मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिमन्यू कोहाड़ ने कहा कि देश के अन्नदाता के आवाज को दबाना सरकार को महंगा पड़ सकता है। किसानों की मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, शहर में दोपहर तक ज्यादातर दुकान खुल चुकी थी। इसका पता लगने पर किसान दो ट्रैक्टर व एक वैन में खरखौदा पहुंचे और दुकानों को बंद करवाया।
एंबुलेंस के साथ निकलने वालों को रोका
खरखौदा में जाम वाले स्थानों से होकर गुजर रही एंबुलेंस को तो किसानों ने जाने दिया। इस दौरान कई अन्य वाहन चालकों ने भी निकलने की कोशिश की। जिसे किसानों ने रोक दिया। इस कारण तनातनी भी हुई, लेकिन किसान अड़े रहे।
संगठनों ने शहर में किया जुलूस-प्रदर्शन
जन संघर्ष मंच हरियाणा, भारतीय किसान यूनियन व समतामूलक महिला संगठन ने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए शहर में जुलूस-प्रदर्शन किया। मंच के प्रांतीय सलाहकार डॉ. सीडी शर्मा, सूरजभान चहल, अनिल मलिक, समतामूलक महिला संगठन की प्रांतीय संयोजिका डॉ. सुनीता त्यागी, बीरमति चहल, मंदीप सिंह आदि ने सरकार से कृषि कानूनों को वापस, बिजली (संशोधन) बिल, 2020 रद्द, फसलों के समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने, पेट्रो पदार्थों के दाम कम करने समेत अन्य मांगों को लागू करने की मांग की।
गन्नौर, मुरथल व बहालगढ़ में रूट डायवर्ट किया, पुलिस फोर्स तैनात रही
किसानों के भारत बंद के दौरान पुलिस ने हाईवे पर गन्नौर, मुरथल व बहालगढ़ चौक पर नाका लगाकर वाहनों का रूट डायवर्ट किया। गन्नौर शहर से खुबडू झाल रोड से दिल्ली बवाना की ओर वाहन भेजे गए। वहीं मुरथल से सोनीपत व वाया मुकीनपुर-कुमासपुर यूपी की तरफ वाहन भेजे। बहालगढ़ चौक से भी वाया बागपत व सोनीपत रूट डायवर्ट किया गया। सुरक्षा के एहतियातन जगह-जगह पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था।
केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट पर वाहन खड़े कर जाम लगाए किसान।- फोटो : Sonipat
भारत बंद के दौरान रोड जाम के चलते हाईवे पर लगी वाहनों की कतार।- फोटो : Sonipat