खरखौदा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने गांव फिरोजपुर बांगर में बिना लाइसेंस चल रही दवा फैक्टरी पकड़ी है। टीम ने फैक्टरी में छापा डाला तो वहां एंटीबायोटिक दवाओं का उत्पादन होता मिला। टीम ने दोपहर से लेकर देर रात तक कार्रवाई की। इस दौरान मशीन, कच्चा माल और तैयार दवा सील कर दी हैं।
एफडीए टीम को कई दिन से अवैध फैक्टरी के संचालन की सूचना मिल रही थी। सोमवार को वरिष्ठ औषधि नियंत्रक अधिकारी राकेश दहिया की अगुवाई में औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा, मुंशी राम और पानीपत से औषधि नियंत्रक अधिकारी पवन की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। टीम ने सिरसा निवासी योगेश को पकड़ा, जो फैक्टरी की देखरेख करता है। योगेश ने बताया राजस्थान निवासी मनोज फैक्टरी का मालिक है। जांच में सामने आया यहां हिमाचल की तीन कंपनियों की दवाएं बनाई जा रही थीं। टीम ने दवा की गुणवत्ता जांच के लिए छह सैंपल लिए हैं।
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ये दवाएं की गईं सील
टीम को मौके से पेंटाप्राजोल, सिफैक्जीम-200 (माइकोसेफ-एलबी 200), एजिथ्रोमाइसीन-200 (रिक-200) और एमोक्सी प्लस क्लेवम एट दवा मिली। इन दवाओं व इनके बाॅक्स पर महाराष्ट्र के मुम्बई ठाणे में संचालित मैक्स सेल लाइफ केयर, हिमाचल के जिला सोलन, तहसील नालागढ़ स्थित पैराडाक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी के निर्माण व मार्केटिंग भी अंकित है।
-बिना लाइसेंस चल रही फैक्टरी पकड़ी गई है। जांच टीम कार्रवाई कर रही है। फैक्टरी का मालिक मनोज राजस्थान का रहने वाला है। वह मौके पर नहीं था। फैक्टरी की देखरेख कर रहे रहे एक युवक को पकड़ा है।-राकेश दहिया, वरिष्ठ औषधि नियंत्रक अधिकारी, सोनीपत