फोटो 02- सोनीपत के नागरिक अस्पताल से रोष मार्च निकालते मजदूर संगठन सीटू संबंधित आशा कार्यकर्ता
सोनीपत। मजदूर संगठन सीटू संबंधित आशा कार्यकर्ताओं और ठेके पर लगे सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर नागरिक अस्पताल से सेक्टर-14 स्थित विधायक निखिल मदान के कार्यालय तक रोष मार्च निकाला।
कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से न्यूनतम वेतन श्रेणी में शामिल करने की मांग उठाई। 12 माह से हटाए गए सफाई कर्मियों को वापस नौकरी पर रखने और करीब 5 माह से अटका वेतन दिलवाने के लिए भी आवाज उठाई।
आशा वर्कर यूनियन की राज्य महासचिव सुनीता ने कहा कि आशा कार्यकर्ता 24 घंटे लोगों की सेवा में तत्पर रहती हैं। उनके मानदेय में 12 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। अगस्त 2024 में जिला की 1267 आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल कर मांगें उठाई थीं, फिर भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। आशा कार्यकर्ता के मानदेय में बढ़ोतरी कर उन्हें न्यूनतम वेतन श्रेणी में शामिल करने के साथ तमाम सुरक्षा के लाभ दिए जाएं। सेवानिवृत्ति पर पेंशन का लाभ दिया जाए। हड़ताल के दौरान कटा 73 दिन का मानदेय दिया जाए।
शहरी ठेका सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान अजय कुमार टांक ने कहा कि कर्मचारियों को करीब 5 माह से बकाया वेतन, काम संबंधी औजार, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए। पीएफ, ईएसआई व वेलफेयर के नाम पर कर्मचारी के हर माह वेतन से कटने वाले 946 रुपये के हिसाब से करीब 5 साल तक काटे गए रुपयों की जांच करवाई जाए। कर्मचारी 25 मार्च को मेयर राजीव जैन से मिलकर उनकी ओर से दिए गए आश्वासन को याद दिलवाएंगे।
प्रदर्शन में सीटू नेता आनंद शर्मा, नवीन चांवरिया, सुनीता व देवराज ने कहा कि अगर कर्मियों को जल्द न्याय नहीं मिला तो सीटू जिला स्तर पर आंदोलन को और तेज करेगी।