सोनीपत। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत डीसी ने सख्ती करते हुए काम शीघ्र निपटाने के आदेश दिए तो कर्मचारियों ने काम को ही कम कर दिया। हजारों भू मालिकों को रिकॉर्ड से डिलीट कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब मंगलवार को डीसी ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचरियों की बैठक ली। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कर्मचारियों को न केवल फटकार लगाई है बल्कि डीलीट किया गया डाटा फिर से जोडऩे के निर्देश देते हुए अल्टीमेटम दिया है।
डीसी के काम जल्द पूरा करने के निर्देश के बाद रिकॉर्ड से गन्नौर ब्लॉक में 10 हजार से अधिक, खरखौदा ब्लॉक ने 9 हजार से अधिक तो सोनीपत ब्लॉक में 8 हजार से अधिक भू-स्वामियों को डिलीट कर दिया। डीसी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही पंचायत एवं विकास विभाग में उठा-पटक किए जाएंगे। पीएम स्वामित्व योजना के तहत जिले में मैपिंग का कार्य 73.81 प्रतिशत ही संपन्न हो पाया है। जिले में 66 हजार से अधिक ग्रामीण ऐसे हैं, जोकि अभी तक अपनी जायदाद के स्वामी नहीं बन पाए हैं। मैपिंग के कार्य में सबसे फिसड्डी गन्नौर ब्लॉक, दूसरी पर मुडलाना और तीसरे नंबर पर कथूरा ब्लॉक हैं। इन तीनों में मैपिंग का कार्य क्रमश : 66.77, 66.90 व 67.73 फीसदी ही हो पाया है। डीसी ने काम को पूरा करने के लिए 13 अक्तूबर तक का समय दिया था। इसके बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और रिकॉर्ड से नाम ही हटा दिए। 3 ब्लॉक से 27 हजार भू स्वामियों का रिकॉर्ड हटा दिया गया।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि स्वामित्व के आंकड़ों में कम दिखाए थे, इसको लेकर बात की गई तो तकनीकी समस्या को कारण बताया गया। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि डिलीट रिकॉर्ड को तुरंत जोड़ा जाए। बैठक में अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।