सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में विद्यार्थियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही है हैं। हाल ही में बीटेक प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट एक साल तक टलने से विद्यार्थियों की परेशानी उजागर हुई थी तो अब यह मामला उठ रहा है कि लाखों रुपये फीस वसूलने के बावजूद छात्रों के आई कार्ड तक जारी नहीं किए गए।
सिर्फ बीटेक के ही 607 विद्यार्थी अब तक पहचान पत्र से वंचित हैं। स्थिति यह है कि आई-कार्ड न होने के कारण छात्र लाइब्रेरी में किताबें निर्बाध रूप से जारी नहीं करवा पा रहे हैं। कई बार कैंपस की अन्य गतिविधियों में भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
लाइब्रेरी में किताबें उपलब्ध नहीं, पढ़ाई व शोध प्रभावित
विवि की लाइब्रेरी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय हर साल छात्रों से लाइब्रेरी शुल्क के नाम पर करीब 96 लाख रुपये इकट्ठा करता है। बीटेक, एमबीए और एमटेक के छात्रों से 2000 रुपये सालाना और अन्य पाठ्यक्रमों से 1000 रुपये सालाना वसूले जाते हैं। इतना भारी-भरकम शुल्क लेने के बावजूद पिछले दो वर्षों से लाइब्रेरी के लिए किताबें नहीं खरीदी गईं। छात्रों का कहना है कि कई बार वे जरूरी संदर्भ पुस्तकें मांगते हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि किताब उपलब्ध नहीं है। इससे उनकी पढ़ाई और शोध कार्य पर सीधा असर पड़ रहा है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर विवि की टीचर्स एसोसिएशन डिक्रूटा के अध्यक्ष डा. अजय डबास ने एक बार फिर से विवि के मुखिया समेत सभी प्रशासनिक
अधिकारियों को ई-मेल भेजकर समाधान मांगा है और कहा है कि विद्यार्थियों की इन समस्याओं की ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।