जिला स्तर पर आठ से दस दिसंबर तक मनाए जाने वाले गीता जयंती समारोह के लिए इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। इसके लिए पटवार भवन के पास खाली करीब चार एकड़ भूमि पर महाभारत की रणभूमि कुरुक्षेत्र की छटा दिखाई जाएगी। इतना ही नहीं गीता जयंती समारोह के मौके पर ढुंढू तीर्थ से लेकर जलते हुए लाक्षा गृह तक को दिखाया जाएगा। इसके लिए कलाकार विशेषतौर पर तैयारी कर रहे हैं।
जींद भी कुरुक्षेत्र की धरती का ही हिस्सा है। ऐसे में यहां जगह-जगह महाभारत युग के प्रमाण मिले हैं। शहर के पश्चिमी छौर पर ईक्कश गांव के ढुंढू तीर्थ का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान भीम से बचने के लिए दुर्योधन ने इसी तीर्थ में आकर जलसमाधि ली थी। ढुंढू तीर्थ के किनारे पर ही भीम ने दुर्योधन का वध किया था। ऐसे में गीता जयंती समारोह स्थल पर ही अब ढुंढू तीर्थ को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा पांडू पिंडारा गांव स्थित सोम तीर्थ, रामराये गांव स्थित सन्निहित तीर्थ को भी उनके वास्तविक रूप में दिखाया जाएगा।
लाक्षा गृह होगा खास आकर्षण
इस बार गीता जयंती समारोह स्थल पर लाक्षा गृह खास आकर्षण होगा। लाक्षा गृह को खासतौर पर डिजाइन किया गया है। देखने वाले को यह जलता हुआ दिखाई देगा। वहीं, लाक्षा गृह से बचने के लिए बनाई गई सुरंग भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा यहां द्रोणाचार्य व संदीपन ऋषि के आश्रम भी बनाए जा रहे हैं।
प्रदर्शित होंगे 18 अध्याय
तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में महाभारत के 18 अध्याय भी क्ले और रंगोली के माध्यम से दिखाए जाएंगे। इसके लिए कलाकार खास तैयारी कर रहे हैं। समारोह को लोक रंग देने के लिए मथुरा-वृंदावन से कलाकार आएंगे। इस दौरान शेष नाग की झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी।
हरियाणा के इतिहास से रूबरू होंगे दर्शक
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के लोक रंग को दिखाने का भी खास इंतजाम किया गया है। इसके लिए सोमवार को जिले भर के सरपंचों की बैठक होगी। प्रशासन की तैयारी है कि इस दौरान प्रदेश के ग्रामीण जीवन में प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई जाए। इसमें बैल गाड़ी, प्राचीन आभूषण, कृषि यंत्र व अन्य सामग्री शामिल रहेगी। जिले भर से करीब 100 ऐसी वस्तुओं के संग्रहण की उम्मीद है।
गीता जयंती उत्सव के लिए हर बिंदू पर बारीकी से काम किया जा रहा है। तीन दिन तक समारोह में आने वाले हर दर्शक को महाभारत काल और कुरुक्षेत्र भूमि के दर्शन एक ही जगह हो सकें, इसकी पूरी तैयारी की जा रही है। इन तमाम दृश्यों के साथ-साथ करीब एक हजार स्कूल, कॉलेज और विवि के विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति देंगे। रंगशाला में भी खास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
-आमना तस्नीम, एडीसी