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एचटेट : 8104 अभ्यर्थियों ने दी एचटेट लेवल-1 व 2 की परीक्षा

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परीक्षा देने गई मां, पिता अपने बच्चे को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े में लपेटे हुए। संवाद - फोटो : Sonipat
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को जिले का रात का तापमान महज 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली शीतलहर के कारण धूप निकलने के बावजूद लोग ठिठुरते दिखाई दिए।
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जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ जमने व लगातार बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। मैदानी क्षेत्र में 14 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से शीतलहर चल रही है। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान जहां 18 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम 4.8 तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक शीतलहर लोगों को परेशान करती रहेगी। हालांकि उसके बाद शीतलहर से हल्की राहत मिलेगी।
ठंड से गेहूं की फसल को फायदा
कड़ाके की ठंड से गेहूं की फसल को फायदा पहुंच रहा है। जिले में इस बार 1 लाख 45 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की गई है। मौजूदा समय में किसान गेहूं की सिंचाई करने कर रहे हैं। कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए सलाह जारी की है कि पाला गिरने की स्थिति में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों में हल्की सिंचाई अवश्य करें। ठंड से ही गेहूं की बढ़वार बेहतर हो सकेगी। हालांकि ठंड बढ़ने से सब्जी उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सोनीपत जिले में रबी सीजन के तहत 35 से 40 हजार एकड़ भूमि में किसान विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। पाला पड़ने पर मटर की फसल में नुकसान हो सकता है।
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वर्जन
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी लगातार जारी है, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। रविवार को शीतलहर चलने के कारण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
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- डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
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