बादली। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत कार्यरत दो कर्मचारियों ने अपने ही विभाग के एसडीओ और एक निजी ठेकेदार पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने व अमानवीय भाषा बोलकर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने मामले की शिकायत सीएम विंडो सहित विभागीय अधिकारियों और पुलिस को दी है। वहीं, भीम आर्मी ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
बादली निवासी कर्मचारी मनजीत और प्रदीप बादली जलघर में एचकेआरएन के तहत कार्यरत हैं। दोनों का पिछले माह बादली से लुक्सर जलघर में तबादला कर दिया गया था। मनजीत का आरोप है कि तबादले के बाद भी एसडीओ और ठेकेदार की ओर से उन्हें परेशान किया जाता रहा। उनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए जिनका उन्होंने जवाब भी दिया। इसके बावजूद दोबारा नोटिस जारी कर परेशान करने का आरोप लगाया गया है।
मनजीत ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत सीएम विंडो, पुलिस थाना बादली, उपमंडल अधिकारी बादली, विधायक और विभाग के उच्च अधिकारियों को दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोनों कर्मचारियों ने फिर से उपमंडल अधिकारी को शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। एसएचओ सुमित कुमार ने बताया कि अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
तबादले को लेकर भी उठे सवाल
कर्मचारियों के अनुसार, यह मामला करीब एक माह से चल रहा है। इसकी शुरुआत एचकेआरएन के 13 कर्मचारियों के तबादलों से हुई थी। बाद में अधिकतर कर्मचारियों के तबादले रोक दिए गए लेकिन मनजीत और प्रदीप का तबादला बादली से लुक्सर कर दिया गया। कुछ दिन पहले जलघर में खाली पड़ी शराब की बोतलों का मुद्दा भी सामने आया था। खाली बोतलों की तस्वीरें वायरल करने के मामले में अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों पर ही सवाल उठाए।
भीम आर्मी ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले में भीम आर्मी के प्रमुख सतपाल तंवर ने संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
एसडीओ ने आरोपों को नकारा
एसडीओ सर्वजीत दलाल ने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह मनजीत और प्रदीप से कभी मिले तक नहीं हैं। अधिकारी के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।