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भारत ने कैडेट कुश्ती में रचा इतिहास, पहली बार विश्व चैंपियन बना

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हंगरी के बुडापेस्ट में चल रही विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने इतिहास रच दिया है। यह इतिहास भी अकेले हरियाणा के पहलवानों के सहारे रचा गया है। जहां फ्री स्टाइल में भारत पहली बार विश्व चैंपियन बना है।
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फ्री स्टाइल में पहलवानों ने दो स्वर्ण, एक रजत व तीन कांस्य पदक जीते है। इस तरह पांच पदक जीतने पर भारत को 147 अंक मिले है। जिससे वह अंक तालिका में सबसे ऊपर रहकर चैंपियन बन गया। जबकि यूएसए 143 अंक के साथ दूसरे तो रसिया 140 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। इस तरह कुश्ती का बेहतर भविष्य माना जा रहा है, क्योंकि कैडेट में दमदार प्रदर्शन करने वाले पहलवानों से सीनियर में पहुंचकर बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
इन पहलवानों ने बनाया भारत को चैंपियन
48 किलो में अमन ने स्वर्ण, 80 किलो में सागर जागलान ने स्वर्ण, 60 किलो में जसकरण सिंह ने रजत, 51 किलो में चिराग ने कांस्य, 71 किलो में जयदीप ने कांस्य, 110 किलो में साहिल ने कांस्य पदक जीता है। जबकि अन्य कई पहलवान रैपेचेज में पहुंचने के बाद एक मैच जीते और उसके बाद हार गए। इस तरह दो मेडल भारत की झोली में आने से रह गए।
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महिला पहलवान भी जीत चुकी पदक
हरियाणा के केवल बेटे ही पदक जीतने में आगे नहीं रहे, बल्कि हरियाणा की बेटियां भी भारत की झोली में कई पदक डाल चुकी हैं। विश्व कैडेट कुश्ती के महिला वर्ग में बुधवार रात तक 43 किलो में तनु ने स्वर्ण, 73 में प्रिया ने स्वर्ण व 65 किलो में वर्षा ने कांस्य पदक जीता है। यह सभी हरियाणा की बेटियां हैं और अन्य वर्ग में बेटियां दमदार प्रदर्शन कर रही हैं।
वर्जन-
हंगरी के बुडापेस्ट में चल रही विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में भारत ने इतिहास रचा है। विश्व कैडेट चैंपियनशिप में भारत पहली बार चैंपियन बना है, जहां फ्री स्टाइल में पहलवानों ने दो स्वर्ण, एक रजत व तीन कांस्य पदक जीते है। इस तरह साफ है कि कुश्ती का भविष्य काफी अच्छा है, क्योंकि कैडेट में पहलवान बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं तो सीनियर वर्ग में उनसे ज्यादा अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
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- विनोद तोमर, संयुक्त सचिव भारतीय कुश्ती संघ
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