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हरियाणा: राज्यपाल दत्तात्रेय बोले- बागवानी और सब्जी के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर

Thu, 07 Apr 2022 01:27 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि खेती के आधुनिक तरीकों को अपनाकर युवा लाभ कमा सकते हैं। सरकार भी मदद कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि गेहूं और धान की फसल से किसानों की आय नहीं बढ़ेगी।
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हाईटेक नर्सरी में निरीक्षण के दौरान तैयार पौध की जानकारी लेते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि बागवानी और सब्जी के क्षेत्र में हरियाणा सिरमौर बन रहा है। यहां प्रगतिशील खेती का चलन तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में युवाओं के लिए भी रोजगार के पर्याप्त अवसर हैं। युवाओं को नई खेती से जुड़कर लाभ कमाना चाहिए।

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राज्यपाल महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के मुरथल स्थित क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र का दौरा कर रहे थे। राज्यपाल ने क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र में स्थापित स्पोन लैब, हाईटेक नर्सरी, पॉली हाउस का भी दौरा किया।

क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने राज्यपाल को स्पोन लैब (मशरूम बीज लैब) का निरीक्षण करवाया। उन्होंने राज्यपाल को मशरूम का बीज तैयार करने व वभिन्न प्रकार की मशरूम उत्पादन की विधि के बारे में बताया। राज्यपाल ने कुलपति प्रो. समर सिंह से हाईटेक नर्सरी में तैयार पौध के बारे में जानकारी ली।
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उन्होंने कुलपति से कहा कि विश्वविद्यालय ज्यादा से ज्यादा तैयार पौध किसानों को उपलब्ध कराए। राज्यपाल ने पॉली हाउस में किसानों को दिखाने के लिए लगाई गई रंग बिरंगी शिमला मिर्च के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन एक विश्वसनीय स्वरोजगार का अवसर है।

युवाओं को स्वरोजगार के लिए मशरूम का उत्पादन करना चाहिए। मशरूम की मांग के हिसाब से उत्पादन बहुत कम है। अगर युवा मशरूम के उत्पाद बनाकर भी बाजार में बेचें तो भी आय को दोगुना कर सकते हैं। इसलिए मशरूम के उत्पादन के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। 

गेहूं और धान से नहीं फल, फूल व सब्जियों से बढ़ेगी आय 
राज्यपाल ने कहा कि गेहूं व धान की फसल से किसानों की आमदनी नहीं बढ़ेगी। उनको आय को दोगुना करने के लिए फल, फूल व  सब्जियों की खेती पर जोर देना चाहिए। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि करनाल में 400 करोड़ रुपये की लागत से एमएचयू का भवन तैयार किया जा रहा है, जो दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएचयू के पांच क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र हैं, जहां मौसम अनुसार फल, फूल व सब्जियां लगाकर किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। 

सरकार किसानों के लिए चला रही कई योजनाएं 
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की भलाई के लिए बागवानी क्षेत्र में कई योजनाएं चला रही है, जैसे भावांतर भरपाई योजना। इस योजना अनुसार किसानों को फसल में हुए घाटे को कम करने के लिए सरकार मुआवजा के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बागवानी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक गांव गांव जाकर लोगों में प्रचार करेंगे कि हरियाणा को बागवानी के क्षेत्र अव्वल बनाएंगे। 

इस दौरान उपायुक्त ललित सिवाच, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत, सचिव श्याम सुंदर शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह, सहायक प्रो. डॉ. हरजोत, ईओ सुरेश पाल सैनी, वित्त नियंत्रक महिपाल कंबोज, विजय अरोड़ा, डॉ. सतेंद्र यादव मौजूद रहे।

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