कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए परिवहन विभाग ऑक्सीजन, नाइट्रोजन टैंकर की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। टैंकरों के नंबर, मालिक व चालक के नंबर सरकार ने मंगवाए है। टैंकरों में जीपीएस लगा होने के साथ सक्रियता का परीक्षण किया जाएगा। कोराना संक्रमण बढ़ने के चलते ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन की तैयारी हो रही है।
हरियाणा सरकार ने ऑक्सीजन और नाइट्रोजन की आपूर्ति करने वाले टैंकरों के बारे में जानकारी मंगवाई है। टैंकरों में जीपीएस लगा होने और उसके सक्रिय होने की रिपोर्ट बनाकर भेजने को कहा गया है। साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि वह टैंकर के मालिकों और चालकों के नंबर भी अपने पास रखें। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते ऑक्सीजन आपूर्ति निर्बाध रखने की तैयारी शुरू हो गई है।
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कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि अभी ज्यादातर लोग घरों में ठीक हो रहे हैं। अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम है। ऑक्सीजन का स्तर कम होने के मामले भी सामने नहीं आए हैं। उसके बावजूद सरकार ने आपात स्थिति की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में संक्रमण के गंभीर होने के साथ ही ऑक्सीजन की जरूरत भी पड़ सकती है।
ऐसे में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन की तैयारियां की जा रही हैं। इसे लेकर सरकार ने परिवहन विभाग से रिपोर्ट मांगी है कि ऑक्सीजन और नाइट्रोजन ले जाने वाले टैंकरों की संख्या कितनी है। उनकी मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है। सभी में जीपीएस लगा होने और उसके सक्रिय होने की रिपोर्ट परिवहन विभाग के अधिकारियों को सरकार के पास भेजनी है।
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सभी टैंकरों के मालिकों और चालकों के नंबर भी परिवहन विभाग में रखने को कहा गया है, जिससे आपात स्थिति में इनको तत्काल बुलाया जा सके। साथ ही जिले में ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है। इससे जरूरत पड़ने पर कभी भी ऑक्सीजन को एक स्थान से दूसरे पर लाने-ले जाने का कार्य किया जा सकेगा।
सरकार के निर्देश के बाद ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के टैंकरों की फिटनेस कराई जा रही है। इनकी रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी। जरूरत के अनुसार सरकार के निर्देश पर इनका प्रयोग किया जा सकेगा। - राजेश मलिक, सड़क सुरक्षा अधिकारी, सोनीपत