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हाल-ए-अस्पताल : पीने को पानी नहीं, बंद टोकन सिस्टम से बढ़ी भीड़, मरीज बेहाल

Mon, 27 May 2024 10:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय के गेट पर वाटर कूलर में पानी देखता
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सोनीपत। भीषण गर्मी के बीच बेहतर इलाज की आस लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इन दिनों अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर टोकन सिस्टम बंद होने से मरीजों की भीड़ लग रही है। 45.8 डिग्री तापमान के बीच भीषण गर्मी में मरीज बेहाल रहे और गर्मी से राहत पाने के लिए ओपीडी कार्ड से ही हवा करते नजर आए। यही नहीं बेहतर सुविधाओं के दावों के बीच हालात यह थे कि वाटर कूलरों तक में पानी नहीं था, गर्मी में तंग मरीज पेयजल को भी तरसते रहे।
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जिला नागरिक अस्पताल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए साल 2016 में टोकन सिस्टम लागू किया था। अब टोकन सिस्टम प्रणाली ठप होने के कारण चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों को अपना नंबर आने के इंतजार में खड़ा रहना पड़ता है। नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार दिए जाने के अधिकारियों के दावों के बीच पड़ताल की तो सूरत-ए-हाल अलग मिले। सोमवार को 2243 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज डिहाइड्रेशन, उल्टी व डायरिया से पीड़ित, नेत्र व चर्म रोगी शामिल रहे।टोकन सिस्टम बंद होने से चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीजों को कतार में लगकर अपनी बारी आने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल के वाटर कूलर भी सूखे पड़े थे। मरीज व उनके तीमारदार पेयजल के लिए तरसने को मजबूर नजर आए।
यह है व्यवस्था
अस्पताल में सभी ओपीडी के बाहर एक स्क्रीन बोर्ड लगाया गया है। इसमें मरीजों का टोकन नंबर दिखाई देता है। ओपीडी के डॉक्टर के पास एक रिमोट दिया गया है, जिसमें एक मरीज को देखने के बाद रिमोट दबाते ही अगले मरीज का टोकर डिस्प्ले में दिखाई देने लगता है। टोकन से संबंधित मरीज डॉक्टर से इलाज करा सकता है। सोमवार को टोकन व्यवस्था खराब रही। ओपीडी के कमरा नंबर 7, 8, 13 व 24 में टोकन सिस्टम बंद रहा। ओपीडी के कमरा नंबर 7 व 8 के बाहर बुखार, सिरदर्द, दस्त के मरीजों की भीड़ लगी रही।
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चिकित्सक अंदर ले रहे एसी की ठंडक, बाहर मरीज पसीने से तर-बतर
कमरा नंबर 13 के बाहर नेत्र रोगी अपनी अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। अंदर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आवाज लगाकर मरीजों को बुला रहे थे। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में भीषण गर्मी से राहत के लिए कोई सुविधा नहीं है। चिकित्सक अंदर कमरे में एसी की ठंडक ले रहे हैं, लेकिन बाहर मरीज घंटों लाइन में लगकर पसीरे से तर-बतर होते रहते हैं।
यह बोले मरीज
भीषण गर्मी में अस्पताल में भीड़ होने के कारण काफी देर में उपचार मिल सका। इसके बाद प्यास बुझाने के लिए अस्पताल में रखे वाटर कूलर के पास पहुंचा तो उसमें पानी नहीं मिला। इसके चलते कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।
मौजीराम, गांव असावरपुर
मैं अपनी मां को दवा दिलाने के लिए नगारिक अस्पताल में आया था। सुबह 8 बजे ओपीडी कार्ड बनवाने के बाद फिजिशियन के कमरा नंबर 7 के बाहर पहुंचा तो वहां पर टोकन सिस्टम बंद था। पता करने पर अस्पताल कर्मियों ने बताया कि काफी समय से टोकन सिस्टम बंद है। चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ होने से तीन घंटे बाद चिकित्सक से परामर्श मिल सका।
सुनील कुमार, गांव कुराड़

गर्मी की वजह से आंखों में दर्द हो रहा है। अपनी आंखाें की जांच कराने के लिए अस्पताल में गई तो ओपीडी पर्ची काउंटर के बाहर लंबी लाइन लगी हुई थी। इसके बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर काफी देर तक इंतजार करने के बाद उपचार मुहैया हो सका।
रंजना, गांव गढ़ शहजानपुर

अस्पताल में अपने बीमार बच्चे का उपचार कराने के लिए आया था। अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से खराब रही। अस्पताल में न पानी का प्रबंध था और न ही टोकन सिस्टम चल रहा था। खराब व्यवस्था के चलते काफी परेशानी हुई।
रोहित, गांव मुरथल



वर्जन
उप चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल में सभी टोकन सिस्टम चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई टोकन सिस्टम खराब है तो उसकी मरम्मत करवाई जाएगी। पानी की व्यवस्था का प्रबंध कराया जाएगा।
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डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत

सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय के गेट पर वाटर कूलर में पानी देखता

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