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Sonipat: ट्रेन से कट कर मौत पर क्लेम देने से कर दिया था इंकार, उपभोक्ता आयोग ने ब्याज समेत दिलवाया

Wed, 17 Jul 2024 09:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर विशेष: उपभोक्ता फोरम पीड़ित परिवार के लिए मददगार बनी है। पीड़ित को बीमा क्लेम की राशि देने को कहा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में ट्रेन से कट कर हुई मौत मामले में बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया था। इस पर पीड़ित शिकायत लेकर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में पहुंचा। आयोग ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संबंधित कंपनी को न केवल बीमा राशि देने के आदेश दिए हैं, बल्कि इस राशि पर 8 फीसदी ब्याज भी देने को कहा है। साथ ही पीड़ित को मानसिक रूप से परेशान किए जाने पर 25 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च के तौर 5500 रुपये देने के आदेश भी बीमा कंपनी व बैंक को दिए हैं।

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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दायर की गई शिकायत के अनुसार अग्रसेन नगर निवासी अनिल जैन ने बताया कि उनके भाई सुनील जैन ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था। इसमें छोटे भाई अनिल जैन को नॉमिनी बनाया गया था।

सुनील जैन 24 मई, 2018 को सुबह करीब 7 बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। काफी देर तक भी वह नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई और वह उनकी तलाश में लग गए थे। इसी बीच उनके पास जीआरपी थाना सोनीपत से कॉल आई थी कि सुनील जैन की ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
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परिजन शव लेने के लिए नागरिक अस्पताल गए थे और वहीं उन्होंने सभी कागजी कार्रवाई करते हुए ओरिएंटल बीमा कंपनी के मैनेजर को भी सूचना दे दी थी। इसके कुछ दिन बाद जब वह क्लेम लेने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों के पास पहुंचे तो उन्हें यह कहते हुए इंकार कर दिया गया था कि ट्रेन की चपेट में आने पर बीमा देने का प्रावधान नहीं है।

इस मामले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सुनवाई करते हुए पाया कि सुनील जैन ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनकी मौत हादसे में हुई थी। आयोग के अध्यक्ष विजय सिंह व अन्य सदस्यों ने फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिए कि पीड़ित को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दी जाने वाली 2 लाख रुपये की राशि 8 फीसदी ब्याज की दर से प्रदान की जाए। साथ ही फैसला सुनाया कि पीड़ित को मानसिक रूप से हुई प्रताड़ना के कारण 25000 रुपये व कानूनी प्रक्रिया के खर्च के रूप में 5500 रुपये दिए जाएं।

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