सोनीपत के कच्चे क्वार्टर मार्केट रोड स्थित भगवान ज्वैलर्स पर आभूषण खरीदने के लिए पहुंचे ग्राह
सोनीपत। दिवाली से पहले इस बार 24 अक्तूबर को 752 वर्ष के बाद गुरु पुष्य नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। इसे सौ संयोग के समान एक शुभ मुहूर्त माना जाता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में नया काम व व्यापार शुरू करने से लेकर संपत्ति, आभूषण, गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य खरीदारी करना शुभ माना गया है। लोग दिवाली उत्सव पर गुरु पुष्य नक्षत्र में खरीदारी कर सकते हैं। इस दिन महिलाएं अहोई अष्टमी का व्रत भी रखेंगी।
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि जब 27 नक्षत्रों में से 8वें पुष्य नक्षत्र वीरवार या रविवार के दिन निर्माण हो तो इस संयोग को गुरु पुष्य योग कहा जाता है। देवगुरु बृहस्पति भी इसी नक्षत्र में पैदा हुए थे। इस संयोग को गुरु पुष्य नक्षत्र योग या गुरु पुष्य अमृत योग के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली उत्सव पर 24 अक्तूबर को 752 वर्ष बाद गुरु पुष्य योग बन रहा है। लोगों के लिए वीरवार को दिवाली से पूर्व नया कार्य शुरू करने, गाड़ी, स्वर्ण, चांदी के आभूषण, वस्त्र, बर्तन की खरीदारी करना अत्यंत शुभ फलदायी रहेगा।
उन्होंने बताया कि इसी दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का उपवास भी किया जाएगा। अहोई अष्टमी पर गुरु पुष्य नक्षत्र के साथ साध्य, पुष्य, अमृत सिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। 24 अक्तूबर को गुरु पुष्य नक्षत्र सुबह प्रारंभ होकर पूरा दिन रहेगा। पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुरु पुष्य योग में भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी रहेगी। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ करना शुभ फलदायी माना गया है। इस योग में खरीदारी करने से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली का वास होता है।
आभूषणों की 70 फीसदी एडवांस बुकिंग
भगवान ज्वैलर्स के संचालक जीडी जैन व दीपांशु जैन ने बताया कि सोने व चांदी के दामों में वृद्धि होने के बाद भी गुरु पुष्य नक्षत्र पर लोगों ने आभूषणों की 70 फीसदी एडवांस बुकिंग करवा ली है। दिवाली उत्सव के साथ शादियों के सीजन को लेकर भी सराफा बाजार की चमक बढ़ गई है। हालांकि बाजार में दिवाली से पहले ही सोने व चांदी की चमक आए दिन बढ़ने के साथ नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन फिर भी 24 अक्तूबर के लिए उनके यहां करीब 48 बुकिंग दर्ज की गई है। लोग कड़ा सेट, अंगूठियां, चेन के साथ सेट की ज्यादा डिमांड कर रहे हैं। पुष्य नक्षत्र के बाद धनतेरस के लिए खास चांदी के सिक्के व आभूषणों के लिए तैयारियां की जा रही है। गुरु पुष्य नक्षत्र को लेकर आभूषणों की अभी और डिमांड बढ़ सकती है।