टीडीआई बिल्डर कंपनी के किंग्सबरी फ्लैट के एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तीन युवकों की मौत के बाद जीटी रोड जाम करने पर पुलिस ने 10 लोगों को नामजद करते हुए 250 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोपों की भी जांच कर रही है।
गांव नांगल कलां निवासी सलमान, गांव रसोई निवासी शाबिर व मूलरूप से यूपी के पीलीभीत स्थित बिसलपुर के गांव लोडा फिलहाल गढ़ी नांगल निवासी रामपाल टीडीआई में कार्यरत थे। टीडीआई में एसीई फेसल्टी प्राइवेट लिमिटेड ने सफाई का ठेका ले रखा है। सोमवार को किंग्सबरी में एसटीपी की जाली बंद हो गई, जिस पर ठेकेदार ने रामपाल को जाली खोलने के लिए बगैर उपकरण मुहैया कराए एसटीपी के मैनहोल में उतार दिया था। जहां उसकी हालत बिगड़ गई थी। उसे बचाने के लिए उतरे सलमान व शाबिर भी अंदर ही फंस गए थे। परिजन मौके पर पहुंचे और तीनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला था, लेकिन तीनों की मौत हो गई थी। मामले में कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए परिजनों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया था। मामले में जाम लगाने के आरोप में पुलिस ने एएसआई देवेंद्र के बयान पर 10 नामजद सहित 250 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में मुकेश, इकबाल, अनिल, कासिम, फरहाद, इरफान, सुरेश, सलीम, शान यासिन, दीपक व बंटी को नामदज किया है।
लापरवाही के मामले में जांच शुरू
पुलिस ने तीन युवकों की मौत के मामले में लापरवाही का मामला दर्ज कर रखा है, जिसमें टीडीआई बिल्डर कंपनी के चेयरमैन डीएन तनेजा, रविंद्र तनेजा, कमल तनेजा, सुमन भंडारी, प्रताप ढिल्लो, जयपाल व रतन शाह तथा अन्य नामजद हैं। पुलिस ने मामले में लापरवाही बरते जाने की जांच शुरू कर दी है।