सोनीपत। उप आबकारी और कराधान आयुक्त अधिकारी नील रतन ने शुक्रवार को सेक्टर-12 स्थित कार्यालय में जीएसटी एमनेस्टी योजना के कार्यान्वयन को लेकर बैठक ली।
उन्होंने कहा कि करदाताओं के लिए जीएसटी एमनेस्टी योजना को लागू किया है। यह योजना कारोबारियों को जीएसटी केस में ब्याज, जुर्माने से राहत देगी। सभी कारोबारी एमनेस्टी योजना का लाभ उठाएं। पुराने मामलों में ब्याज और जुर्माने से छूट का यह मौका बार-बार नहीं मिलेगा। ऐसे में पुराने केस का निस्तारण कराएं।
उप आबकारी और कराधान आयुक्त अधिकारी ने कहा कि यह योजना उन करदाताओं के लिए लागू होगी, जिन पर वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 व 2019-20 के लिए हरियाणा जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 73 के तहत बकाया कर देनदारी है। इस योजना में पात्र करदाताओं को बकाया कर पर ब्याज और जुर्माना में राहत दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए करदाता को 31 मार्च तक पूरा कर जमा करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि करदाताओं को आवेदन करते समय किसी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो वह कार्यालय में आकर उनसे संपर्क कर सकता है। व्यापारी सात साल तक के खातों को सुरक्षित रखें। अगर किसी साल में कोई विवाद है तो उस साल के खाते भी सुरक्षित रखने होंगे। विभाग के पोर्टल पर व्यापारी साल वर्ष से पहले तक की एनओसी भी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी करदाता इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। इस दौरान अधिकारी, कर्मचारी व व्यापारी संगठन के सदस्य मौजूद रहे।