फोटो :29: सोनीपत के बहालगढ़ में कूड़े के ढेर में लगाई गई आग। संवाद
सोनीपत। जिले में तीसरे दिन हवा जहरीली बनी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 372 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-3 (ग्रैप-3) के तहत कड़े प्रतिबंध लागू होने के बावजूद कूड़ा जलाया जा रहा है। सुबह-शाम स्मॉग छाने के अलावा ठंडी हवा चलने लगी है।
नवंबर की शुरुआत से ही एक्यूआई 200 से ऊपर बना हुआ है। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। सोमवार को एक्यूआई 345 दर्ज किया गया था। मंगलवार को इसमें और अधिक बढ़ोतरी होकर 381 पर पहुंच गया। बुधवार को दोपहर के समय हवा की दिशा और गति बदल गई। उत्तर-पश्चिमी हवा चलने से प्रदूषण में कमी आने की संभावना थी मगर कोई अंतर नहीं पड़ा।
चिकित्सकों का कहना है कि इस स्तर की हवा में लंबे समय तक बाहर रहना फेफड़ों, हृदय और आंखों पर सीधा असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मास्क का इस्तेमाल करें।
ग्रैप के नियम टूट रहे
ग्रैप-3 के नियमों की अवहेलना हो रही है। बहालगढ़ में जगह-जगह कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। शहर में निर्माण सामग्री को ढका नहीं जा रहा है। निजी निर्माण करने पर रोक लगाने के अलावा सड़कों व निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण का सख्ती से पालन करने की आवश्यक है। कूड़ा, पत्ते व कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक है। नियमों की अवहेलना प्रदूषण नियंत्रण की मुहिम पर सवाल खड़े कर रही है।
पांच दिन के एक्यूआई का आंकड़ा
दिनांक एक्यूआई
12 नवंबर 372
11 नवंबर 381
10 नवंबर 345
9 नवंबर 251
8 नवंबर 251
अभी प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है। मौसम पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है। जल्द नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके प्रभाव से अगर बूंदाबांदी हुई तो राहत मिल सकती है। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत।
फोटो :29: सोनीपत के बहालगढ़ में कूड़े के ढेर में लगाई गई आग। संवाद