सोनीपत। गोरड़ गांव में वर्ष 2021 में सबसे ज्यादा बेटियां पैदा हुई हैं। गांव में प्रति हजार लड़कों पर 1470 लड़कियों ने जन्म लिया है। जिले में बेहतर लिंगानुपात वाले गांव गोरड़ की मेधावी छात्राओं को 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत उपायुक्त ललित सिवाच ने उन्हें सम्मान दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेस्ट विलेज स्कीम के तहत गोरड़ गांव को सर्वश्रेष्ठ गांव चुना गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रसव पूर्व लिंग जांच निषेध अधिनियम (पीसी एंड पीएनडीटी) के तहत बेस्ट विलेज स्कीम के सम्मान एवं प्रशंसा पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि उपायुक्त ललित सिवाच ने बेटियों व अन्य कर्मचारियों को सम्मानित किया। योजना के तहत वर्ष 2021 में गांव के राजकीय विद्यालय गोरड़ की कक्षा 10वीं की छात्रा तमन्ना, महक और सीमा को पुरस्कृत किया गया। इन छात्राओं का परीक्षा परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहा था। इस दौरान प्रत्येक छात्रा को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। उपायुक्त ललित सिवाच ने गोरड़ गांव के चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविश कुमार, निवर्तमान सरपंच सतीश कुमार, निवर्तमान पंच पूनम, एएनएम सुदेश, शर्मिला, आशा कार्यकर्ता सुमित्रा, गीता देवी, रोशनी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरेखा, दर्शना व नीलम को सम्मानित किया। वर्ष-2021 में लिंगानुपात में सुधार के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
उपायुक्त ललित सिवाच ने कहा कि वर्तमान दौर में भी कन्या भ्रूण हत्या जैसी घटना होना निंदनीय है। यह समाज के माथे पर कलंक के समान है। जिसे जड़ से मिटाने के लिए प्रयास की आवश्यकता है। सरकार व जिला प्रशासन इस दिशा में प्रयासरत है। आम जनमानस को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार व समाज का मान-सम्मान होती हैं और समाज में इनका स्थान गौरवमयी है। बेटियों से घर का आंगन चहकता है। उन्होंने कहा कि बेटियों के विकास के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं कर सकते। सभी का कर्तव्य बनता है कि हमें अपनी बेटियों को शिक्षित करने में उनका साथ देना चाहिए।
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने ग्रामीणों को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात करवाने वालों की सूचना जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को अवश्य दें। जिससे भ्रूण लिंग जांच कराने वालों पर कार्रवाई की जा सके। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त शांतनु शर्मा, उप सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी आदि मौजूद रहे।