सोनीपत। आचार्य अंकित प्रभाकर व आचार्य संदीप दर्शनाचार्य ने कहा कि अतीत के अनुभव के आधार पर वर्तमान का कर्म है। वर्तमान का सुकर्म भविष्य के जीवन का प्रतिफल होगा। मनुष्य को परमात्मा की दिव्य वेदवाणी व आज्ञाओं का पालन करना चाहिए। मन, वचन व कर्म से प्राणी मात्र का कल्याण करके ही परमेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
आचार्य अंकित व संदीप, सेक्टर-15 स्थित आर्य समाज मंदिर में 25वें रजत जयंती वार्षिकोत्सव के पांचवें दिन प्रवचन कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जगदीश कुकरेजा व महिला प्रधान राज गुलाटी ने की। आचार्य संदीप श्रेयार्थी के ब्रह्मत्व में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति डाली। आर्योदय गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने सामवेद के मंत्रोच्चारण के साथ पाठ किया। यज्ञोपरांत फरीदाबाद से प्रदीप शास्त्री ने आध्यात्मिक व देशभक्ति पर आधारित प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महात्मा वेद मुनि, हरिचंद स्नेही, रामगोपाल भूटानी, राज रहेजा, सतन देव सत्यम, सुभाष रहेजा व रामस्वरूप मुंजाल मौजूद रहे।