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हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग जोन बनी गंगनहर

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रुड़की, मुरादनगर, हरिद्वार समेत अन्य केंद्र...
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शवों को ठिकाने लगाने का डंपिंग जोन बन रही गंगनहर
: सोनीपत में हत्या करने के बाद शव को गंगनहर में डालकर कर देते हैं खुर्द-बुर्द
: शराब कारोबारी संदीप बड़वासनी, उसके साथी का शव लावारिस हालत में यूपी पुलिस कर चुकी बरामद
: हत्या करने के बाद छह शवों को गंगनहर में ठिकाने लगाने की वारदात आ चुकीं सामने
: गंगनहर में फेंकने के बाद नहीं मिल पाता शव, सजा से बचने के लिए अपना रहे हथकंडा
: इसी तरह हत्या के एक मामले में आरोपी को हो चुकी उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए अपराधियों ने अब गंगनहर को ही डंपिग जोन बनाना शुरू कर दिया है। अपराधियों के लिए गंगनहर में शवों को खुर्द-बुर्द करना आसान साबित हो रहा है। सोनीपत में हत्या करने के बाद छह शवों को गंगनहर में ठिकाने लगाया जा चुका है। हत्या करने के बाद शव को आसानी से लेकर गंगनहर तक पहुंचा जा सकता है। खासकर रात को चेकिंग भी कम ही होती है। अपराधियों की मानसिकता रहती है कि शव नहीं मिलने के चलते वह सजा से बच सकते हैं।
सोनीपत में छह लोगों की हत्या कर उनके शव गंगनहर में फेंके जा चुके हैं। इनमें से शराब कारोबारी संदीप बड़वासनी व उसके एक साथी का शव लावारिस हालत में यूपी पुलिस बरामद कर चुकी है। अन्य के शवों का सुराग तक नहीं लग सका है। इनमें पशु चिकित्सक की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के मामले में आरोपी को सजा भी हो चुकी है।
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अपहरण के बाद हत्या कर रात को ठिकाने लगाया था बुजुर्ग का शव
बादशाहपुर माच्छरी के बुजुर्ग राजेंद्र की हत्या की वारदात से पुलिस ने तीन जनवरी को पर्दा उठाया था। मामले में गिरफ्तार गांव जाजी के सचिन उर्फ चीना व उसके साथी गुमड़ के मंदीप ने सीआईए को बताया था कि 18 नवंबर, 2021 की देर शाम राजेंद्र का गांव के अड्डे से अपहरण कर बड़वासनी में हत्या की थी। बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए उत्तराखंड में रुड़की के पास गंगनहर पर ले गए थे। उन्होंने रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम दिया था। राजेंद्र का शव नहीं मिल सका।
संदीप बड़वासनी, उसके दो साथियों की 2017 में की गई थी हत्या
गांव बड़वासनी के शराब कारोबारी संदीप बड़वासनी के साथ ही उसके साथी रूखी के बलबीर और पानीपत के गांव मतलौड़ा के रहने वाले सुरेंद्र राठी की गोहाना में फरवरी, 2017 को हत्या करने के बाद उनके शवों को गंग नहर में फेंका गया था। इनमें से उत्तर प्रदेश के मसूरी थाने की पुलिस ने गंगनहर से बलबीर और मुरादनगर पुलिस ने संदीप का शव बरामद किया था। सुरेंद्र के शव का कोई सुराग नहीं लग सका था।
राई क्षेत्र के गांव की युवती की हत्या कर गंगनहर में फेंका था शव
राई थाना क्षेत्र के गांव की युवती की हत्या कर शव गंग नहर में फेंकने का मामला सामने आ चुका है। मामले को लेकर जुलाई, 2021 में युवती से प्रेम विवाह करने वाले व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में राई थाना पुलिस ने खुलासा किया था गोहाना क्षेत्र में हत्या करने के बाद युवती के पिता व एक अन्य ने शव को मेरठ के पास गंगनहर में फेंक दिया था। शव का कोई सुराग नहीं लग सका था।
पशु चिकित्सक की हत्या कर गंगनहर में फेंक दिया था शव
गांव बड़ौली के पशु चिकित्सक राकेश की हत्या कर शव को हरिद्वार के पास गंगनहर में फेंका गया था। मामले को लेकर राकेश की पत्नी सुशीला ने 8 जनवरी, 2019 को राई थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने गांव के रवींद्र आंतिल को गिरफ्तार किया था। राकेश का शव नहीं मिल सका था। मामले में रविंद्र आंतिल को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
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वर्जन
जिले में हत्या के बाद शवों को खुर्द-बुर्द करने के लिए गंगनहर में फेंकने के मामले सामने आने लगे हैं। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की मानसिकता होती है अगर हत्या के बाद शव नहीं मिला तो उसका फायदा लेकर वह सजा से बच जाएंगे। इसके चलते वह इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं। लेकिन पुलिस की गहन जांच से अपराधी को सजा अवश्य मिलती है। राई थाने के एक मामले में अपराधी को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
- इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, सीआईए प्रभारी सोनीपत
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