सोनीपत। नेशनल हाईवे 44 पर मुरथल में भले ही कोई पर्यटन स्थल नहीं हो, लेकिन उसके बाद भी लोग अपने परिवार के साथ वहां आउटिंग के लिए जरूर आते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण केवल वहां के लजीज पराठे हैं। मुरथल में सुखदेव के साथ ही अन्य ढाबों के पराठे खाने के लिए दिल्ली, यूपी समेत देश के कई राज्यों के लोग विशेष तौर पर यहां आते हैं। फिल्मी सितारों से लेकर विदेशियों तक को मुरथल का पराठा भाया हुआ है, लेकिन सुखदेव व गरम धरम पर कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अचानक मुरथल में लोगों का पहुंचना कम हो गया है।
नेशनल हाईवे 44 (पहले एक) पर मुरथल में प्रकाश सिंह ने 1947 में एक छोटा छप्पर डालकर सुखदेव ढाबा शुरू किया था। उस समय वहां चंद ट्रक वाले खाना खाने के लिए रुकते थे, लेकिन प्रकाश सिंह के शुरू किए गए ढाबे के पराठे व खाने का स्वाद लोगों को ऐसा भाया कि उसके बाद प्रकाश सिंह ने धीरे-धीरे ढाबे का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया तो वहां पराठे खाने के लिए लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। अब उनके बेटे ढाबे को संभालते हैं तो मुरथल में अब 25 से ज्यादा छोटे-बड़े ढाबे भी खुल चुके हैं। लेकिन सुखदेव ढाबा देशभर में मशहूर है तो यहां से गुजरने वाले विदेशी भी ढाबे के पराठों व खाने का स्वाद लेकर जाते हैं। ढाबे पर जहां अधिकतर सीएम, मंत्री व अन्य नेता आते हैं तो अभिनेत्री परिणीति चौपड़ा व माधुरी दीक्षित समेत अन्य कलाकार वहां के पराठों का स्वाद ले चुके हैं। मुरथल के ढाबों पर 16 तरह के पराठे मिलते हैं तो 150 से ज्यादा अन्य खाने के व्यंजन मिलते हैं। लॉकडाउन खुलते ही जहां मुरथल के ढाबों पर भीड़ जमा होने लगी थी, वहीं अब कोरोना पॉजिटिव मिलने पर अन्य ढाबों पर भी अचानक भीड़ कम हो गई है।