बाद में 21 जुलाई को नरेश वाराणसी आया और व्यवसाय के बारे में बातचीत की। तय हुआ कि नवांशहर में एक कार्यालय खोला जाएगा। पीड़ित का आरोप है कि उसने काम के लिए 25 लाख रुपये नरेश को दे दिए थे। बाद में 3 अगस्त को नरेश ने फोन कर बताया कि यूरो, डॉलर को लेकर डील है। जिसके लिए 1.30 करोड़ रुपये की जरूरत है।
हसीन अहमद का कहना है कि वह 5 अगस्त को 95 लाख रुपये लेकर अपने एक दोस्त के साथ दिल्ली आ गया। जहां नरेश अपनी पत्नी व बेटी के साथ आया हुआ था। वह अपने दोस्त के साथ नरेश की गाड़ी में सवार होकर पंजाब के लिए चल पड़े। रात करीब आठ बजे मुरथल स्थित सुखदेव ढाबे पर खाना खाने के लिए गाड़ी रोक ली।
इसी बीच नरेश की पत्नी व बेटी ने खाना खाने से इंकार करते हुए गाड़ी में ही रुपयों की सुरक्षा के लिए बैठे रहने की बात कही। साथ ही कहा कि उनकी तबीयत खराब है। जिस पर नरेश व अपने दोस्त के साथ वह अंदर खाना खाने चला गया। वहां जाकर नरेश ने वेटर को कोल्ड ड्रिंक्स व सेंडविच आर्डर कर दी। वेटर सेंडविच व कोल्ड ड्रिंक्स कुछ देर में लेकर आ गया।
पत्नी-बेटी को खाना देने के बहाने आकर 95 लाख लेकर फरार
वह वेटर के साथ कार में अपनी पत्नी व बेटी को खाने का सामान देने की बात कह कर चला गया। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं लौटा तो उन्होंने बाहर जाकर देखा। वहां पर कार नहीं थी। आरोपी उसके 95 लाख रुपये लेकर भाग गया। इससे पहले भी वह 25 लाख रुपये ले चुका था।
आरोपी ने अपने परिवार के साथ मिलकर उसे एक करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी की है। जब उसने फोन पर बात की तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दे डाली। उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। वह अपने स्तर पर आरोपियों का पता लगाने में लगा रहा। जब सुराग नहीं लगा तो पुलिस को शिकायत दी। मुरथल थाना पुलिस ने अमानत में खयानत व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।