सरकारी विभागों में लापरवाही का आलम इस बात से पता चलता है कि वेस्ट रामनगर में दो साल पहले लगभग 30 लाख रुपये से पाइप लाइन बिछाई गई, लेकिन उसमें आजतक एक बूंद पानी नहीं आया। इससे वहां रहने वाले लगभग पांच हजार लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उनको भीषण गर्मी में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच 600 मीटर दूर टैंकर से पानी लाना पड़ता है। जब पब्लिक हेल्थ की ओर से वह टैंकर नहीं भेजा जाता है तो किसी तरह आसपास के दूसरे मोहल्ले से पानी का जुगाड़ करके प्यास बुझाई जाती है। वहां केवल एक यही समस्या नहीं है, बल्कि सीवर ओवरफ्लो से गलियों में गंदा पानी भी भरा हुआ है। इस तरह वहां के लोग नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।
दिखाया गया था सपना, मिलेगा मीठा पानी
वेस्ट रामनगर में करीब दो साल पहले पब्लिक हेल्थ की ओर से यहां के लोगों को मीठा पानी देने के लिए लगभग 30 लाख की लागत से पेयजल लाइन बिछाई गई थी। विभाग ने पेयजल लाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन दे दिए, लेकिन उसके बाद न उस पाइप लाइन में पानी आया और न घरों तक एक बूंद पानी पहुंच सका। जबकि वहां रहने वाले लोगों को पानी का बिल लगातार भेज दिया जाता है। इस समस्या से पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को वहां के लोगों ने कई बार अवगत कराया, लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस कारण परेशान होकर लोगों ने सीएम विंडो पर इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद पानी की समस्या दूर करने के लिए पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने पाइप लाइन को ऊंचाई से नीचे पर कर दिया, लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ और वहां के लोगों को पानी नहीं मिला। अब लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए वेस्ट रामनगर से 600 मीटर दूर मैदान में आने वाले टैंकर से बाल्टियों में पानी लेकर आना पड़ता है। उससे ही प्यास बुझाई जाती है और घर का काम भी किया जाता है। वहीं, जब टैंकर नहीं आता है तो एक किमी दूर सेक्टर-23 से पानी लाना पड़ता है।
20 दिन से सीवर ओवरफ्लो, नहीं आ रहे कर्मचारी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वेस्ट रामनगर में पिछले 20 दिनों से सीवर की समस्या है। ओवरफ्लो होने से गलियों में गंदा पानी भर गया है। एक मई को पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को सीवर की सफाई कराने के लिए शिकायत दी थी। उसके बाद से रोजाना अधिकारियों से फोन आ रहे हैं कि जल्द सीवर की समस्या दूर कर दी जाएगी, लेकिन वहां पहुंच कोई नहीं रहा है और समस्या जस की तस बनी हुई है।
काफी दूर से लाना पड़ता है पानी
यहां पेयजल लाइन पब्लिक हेल्थ की ओर से बिछाई गई है, लेकिन पानी की एक भी बूंद नसीब नहीं हो रही। महिलाओं को पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी लोगों को पानी मुहैया नहीं हो रहा है।
बबीता
पानी के लिए मंगवाना पड़ता है टैंकर
पानी के बिना कोई भी जिंदा नहीं रह सकता। पानी के लिए यहां के लोगों को टैंकर मंगवाना पड़ता है। पानी का टैंकर भी रोजाना नहीं आता है, जिससे किसी तरह कम पानी से काम चलाना पड़ता है। इससे काम प्रभावित होते हैं। इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
शकुंतला
दूसरी बार लाइन बिछाने पर भी नहीं पहुंचा पानी
सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद पब्लिक हेल्थ की ओर से लाइन को उखाड़कर दोबारा से उसे गहरे में दबाया गया। उसके बाद भी पब्लिक हेल्थ क्षेत्र में पानी तक नहीं पहुंचा सका। पब्लिक हेल्थ की ओर से कनेक्शन भी दे दिए, लेकिन पानी नहीं पहुंच रहा है। पूनम
पानी नहीं मिल रहा पर पहुंच रहा है बिल
पब्लिक हेल्थ के अधिकारी पेयजल लाइन बिछाकर पानी नहीं दे सके, लेकिन लोगों के घरों में पानी का बिल भेजकर उसके भरने के लिए दबाव जरूर बना रहे है। विभाग की गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थायी समाधान के बारे में सोचना चाहिए।
पवन
सीवर लाइन को ठीक करने नहीं आ रहा कोई
पिछले 20 दिनों से सीवर की समस्या बनी हुई है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 10 दिन पहले विभाग के अधिकारियों को सीवर साफ करने के लिए शिकायत दी थी, उसके बाद भी विभाग को कोई कर्मचारी नहीं आया। गलियां गंदे पानी से भर गई हैं।
राजन
नहीं मिली कोई शिकायत
वेस्ट रामनगर में विभाग की ओर से पानी की सप्लाई की जा रही है। वहां पानी की किल्लत को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा है तो वे जांच कराकर उसका समाधान कराएंगे।
-राजपाल सिंह, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ