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Sonipat News: खाद के चार नमूने लिए, जांच के लिए लैब भेजा

Thu, 18 Jun 2026 07:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कृषि रसायन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है। टीम ने खरखौदा और सोनीपत क्षेत्र से खाद के चार नमूने लिए हैं। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक (क्यूसीआई) राकेश हुड्डा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। विभाग का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और किसानों को किसी भी प्रकार की मिलावटी अथवा निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री से बचाना है।
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खरीफ सीजन शुरू होते ही बढ़ी खाद की मांग

जिले में खरीफ फसलों की बुवाई और धान की रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है। इसके साथ ही उर्वरकों की मांग भी बढ़ने लगी है। किसानों को समय पर गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। विभिन्न क्षेत्रों में गठित टीमें लगातार खाद, बीज और दवाइयों के नमूने ले रही हैं।

जिले में 49 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत

जिले में खरीफ सीजन के दौरान एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विभिन्न फसलें उगाई जाती हैं। इनमें लगभग 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती होती है। इसके अलावा बाजरा, कपास, ज्वार और मक्का जैसी फसलें भी बड़े पैमाने पर बोई जाती हैं। फसलों की जरूरत को देखते हुए जिले में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया की मांग करीब 49 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच जाती है। मांग को पूरा करने के लिए कृषि विभाग समय-समय पर उर्वरकों की रैक मंगवाता है। जुलाई के पहले सप्ताह से यूरिया और डीएपी की मांग में और तेजी आने की संभावना है।
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खाद के साथ जबरन टैगिंग करने वालों पर भी रहेगी नजर

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद विक्रेताओं की तरफ से उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री (टैगिंग) को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए विशेष निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं जो औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता खाद खरीदने के साथ अन्य सामान लेने का दबाव बनाता है तो उसकी लिखित शिकायत विभाग को दें। अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर भी विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।
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