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अशोका विवि में दाखिले के नाम पर फर्जीवाड़ा, मुकदमा दर्ज

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राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित अशोका विश्वविद्यालय में प्रबंधन कोटे से दाखिला कराने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। ठग गिरोह दिल्ली व अन्य क्षेत्रों में छात्रों से दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं। गिरोह ने विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी लैटर हेड और स्टांप भी बनवा लिए हैं। एक युवक ने विवि प्रबंधन को मेल भेजकर प्रवेश के नाम पर हो रही धोखाधड़ी की जानकारी दी है। उसके आधार पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने एसपी को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
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अशोका विवि के रजिस्ट्रार सचिन शर्मा ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि विवि में प्रबंधन कोटे में दाखिला कराने के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। दिल्ली के यश नागर ने उनको मेल भेजकर इसकी जानकारी दी। गिरोह ने अशोका विश्वविद्यालय के नाम, लेटर हैड और स्टैंप का दुरुपयोग किया है। विवि में कर रहे हैं। आरोपियों ने अशोका विवि के नाम पर दो फर्जी ई मेल आईडी बना रखी है। वह इन्हीं फर्जी मेल आईडी, विवि के लेटर हैड, स्टैंप से विद्यार्थियों को प्रबंधन कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर ठग रहे हैं। राई थाना पुलिस ने रजिस्ट्रार की शिकायत पर दो संदिग्ध लोगों दिल्ली के नांगलोई स्थित कोटला विहार के पंकज व विकास और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ऐसे सामने आया मामला
रजिस्ट्रार सचिन शर्मा ने पुलिस को बताया एक छात्र यश नागर ने अशोका विश्वविद्यालय के फर्जी लेटर हैड की एक प्रति भी भेजी थी, जिसमें धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए गए जाली टिकट और अशोका विवि में प्रबंधन कोटा के तहत प्रवेश पाने के लिए किए गए भुगतान का विवरण दिया गया था। यश नागर ने अशोका विवि में 2021 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए एमए अर्थशास्त्र के लिए आवेदन किया था। प्रवेश समिति ने ई मेल के माध्यम से 6 मई को उन्हें सूचना दे दी थी कि हमें खेद है कि आपको साक्षात्कार की प्रक्रिया के लिए चयनित नहीं किया गया है। इसके बावजूद यश नागर को फर्जी लेटर हैड, ई मेल व स्टैंप से फर्जी दाखिला दिखा दिया गया। जब यश नागर ने विवि में संपर्क किया तो उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। रजिस्ट्रार ने बताया कि अशोका विवि के एमए (अर्थशास्त्र) में कोई प्रबंधन कोटा नहीं है, जिससे उन्हें ठगी के पूरे रैकेट की जानकारी मिली।
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अन्य छात्रों से वसूली की आशंका
अशोका विवि में प्रवेश पाने के लिए छात्रों होड़ रहती है। यहां फीस लाखों में है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र हर तरह का प्रयास करते हैं। जिन छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश नहीं मिल पाता है या जिनको मेरिट में आने की उम्मीद नहीं होती है, वह प्रबंधन सीटों पर ज्यादा फीस देकर प्रवेश पाने का प्रयास करते हैं। ऐसे छात्रों को दाखिला दिलाने वाला गिरोह अपने फंसाता है। आशंका जताई जा रही है कि गिरोह के शिकंजे में हजारों छात्र आ सकते हैं।
वर्जन
मामले में शिकायत मिली थी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दो लोगों को नामजद कराया गया है। उनके बार में भी बारीकी से जानकारी जुटाई जाएगी।
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- इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी राई।
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