आरक्षण आंदोलन को लेकर दिए जाने वाले धरने की घोषणा से प्रशासन सतर्क है। गोहाना शहर में पुलिस की चार कंपनियां पहुंची हैं, जबकि पैरा मिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई हैं। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। शनिवार को पैरा मिल्ट्री फोर्स व पुलिस की कंपनियों ने संयुक्त रूप से शहर व आसपास के ग्रामीण इलाके में फ्लैग मार्च किया। एडीसी शिवप्रसाद शर्मा को मैजिस्ट्रेट बनाया गया है। पुलिस की ओर से एडिशनल एसपी डीके भारद्वाज को लगाया गया है। शाम साढ़े पांच बजे शहर में फ्लैग मार्च निकालने के बाद पुलिस ने शहर व ग्रामीण इलाके के प्रमुख व्यक्तियों की बैठक कर शांति कायम रखने का आह्वान किया।
गोहाना में तैनात होंगी 15 कंपनियां
शहर व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा कुल 15 कंपनियां बुलाई गई हैं। डीएसपी राजीव देशवाल के अनुसार अब तक छह कंपनियां पहुंच चुकी हैं। बाकी नौ कंपनियां रात को पहुंच जाएंगी।
शांति का संदेश देने के लिए शहर में निकाला फ्लैग मार्च
29 जनवरी के प्रस्तावित आंदोलन के अंतर्गत शनिवार को गन्नौर में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च की अगुवाई करते हुए एसडीएम निर्मल नागर ने शांति कायम रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की। एसडीएम नागर व डीएसपी ओमप्रकाश के नेतृत्व में गन्नौर जीटी रोड से मुरथल जीटी रोड व क्षेत्र के गांवों के साथ-साथ शहर में फ्लैग मार्च निकालकर शांति का संदेश दिया गया। फ्लैग मार्च के कानून व्यवस्था का जायजा लेते हुए एसडीएम ने संदेश दिया कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार एवं मुस्तैद है। डीएसपी ने चेतावनी दी कि किसी ने भी शांति भंग करने व अफवाह फैलाने की कोशिश की तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फ्लैग मार्च के दौरान तहसीलदार हरिओम अत्री व नायब तहसीलदार देशराज कंबोज के साथ पुलिस थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार मौजूद थे। उनके पीछे-पीछे पुलिस की सायरन बजाते हुए जिप्सियां और आरएएफ के जवानों से भरी दर्जनों रोडवेज बसें चल रही थी।