स्कूल में भेजी गई पहली और पांचवीं कक्षा की किताबें। संवाद
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ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों में रौनक लौट आई है। विद्यार्थी बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें, इसके लिए पहली, पांचवीं व छठी कक्षाओं की किताबें सभी खंड के स्कूलों में भेज दी गई हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में किताबें विद्यार्थियों की संख्या से कम पहुंची हैं। जिस कारण स्कूल प्रबंधन असमंजस में है कि किस विद्यार्थी को पुस्तकें दें और किसको न दें। अध्यापकों ने इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों से मिली विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ही स्कूलों में किताबें भेजी गई हैं। फिर भी किसी स्कूल में किताबें कम पहुंची हैं तो खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय या डायट भवन से प्राप्त कर सकते हैं।
राजकीय स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद से ही विद्यार्थी किताबें मिलने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले ही विद्यार्थियों को किताबें वितरित करने की बात कही जा रही थी, लेकिन किसी भी विद्यार्थी को किताबें वितरित नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि किताबें प्रकाशित करने के लिए चार कंपनियों को टेंडर दिए गए हैं। साथ ही पहली से आठवीं कक्षा तक की सभी किताबों का प्रकाशन करने के लिए 6 अगस्त तक की समयावधि दी गई है। जल्द ही स्कूलों में सभी कक्षाओं की किताबें पहुंचा दी जाएंगी।
25 जून को भेजी गई थी किताबें
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पहली, पांचवीं व छठी कक्षा की किताबें 25 जून को बीईओ कार्यालय में पहुंचाई गई थीं। जहां से सभी स्कूलों में भेज दी गई हैं। जिन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यार्थियों को वितरित किया जा रहा है। शिक्षकों की माने तो कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या से कम किताबें पहुंची हैं। जिस कारण अध्यापकों को समझ नहीं आ रहा कि किस विद्यार्थी को किताबें दें और किसे नहीं। शिक्षकों ने उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया है।
विद्यार्थियों के लिए किताबों का प्रकाशन चल रहा है। जिन कक्षाओं की किताबें पहुंची हैं, उन्हें स्कूल में भिजवा दिया था। अन्य कक्षाओं की किताबें भी जल्द प्रकाशित होकर पहुंच जाएंगी। अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी विद्यार्थियों को किताबें वितरित कर दी जाएंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ही किताबें भेजी गई हैं। फिर भी किसी स्कूल में किताबें कम पहुंची हैं तो स्कूल मुखिया बीईओ कार्यालय या डायट भवन से किताबें प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी विद्यार्थी को बिना किताबोें के नहीं रहने दिया जाएगा। -नवीन गुलिया, सहायक परियोजना संयोजक, सोनीपत।