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15 में केवल 2 समस्या का समाधान, घपले में ग्राम सचिव व सरपंच सस्पेंड

Fri, 19 May 2017 11:41 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
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लघु सचिवालय में परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मीटिंग के दौरान लोगों को उठाती पुलिस - फोटो : amarujala beuro
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जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में मंत्री भले ही अधिकारियों को जल्द से जल्द शिकायतों के निस्तारण के आदेश देते हों, लेकिन उन शिकायतों के निपटारे में अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। शुक्रवार को लघु सचिवालय में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में भी ऐसा ही देखने को मिला। यहां 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से केवल दो का निस्तारण हुआ और 13 शिकायतों में पीड़ितों को केवल आश्वासन मिला। अधिकारियों ने कई समस्याओं के निस्तारण की झूठी रिपोर्ट भी मंत्री के सामने रखी, लेकिन पीड़ितों ने अधिकारियों की पोल खोल दी। इस पर मंत्री सख्त दिखाई दिए और उन्होंने बागरू के सचिव पर कार्रवाई के आदेश दिए तो बड़ौली के सचिव व सरपंच को सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर वाटर कूलर लगवाने में घपला करने का आरोप है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है।
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दो शिकायतकर्ताओं के न पहुंचने पर किया फोन
मीटिंग में खनन मंत्री नायब सैनी के साथ डीसी केएम पांडुरंग, एसपी अश्विन शैणवी, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जैन, सांसद के भाई देवेंद्र कौशिक समेत अन्य सभी विभागों के अधिकारी पहुंचे थे। इस मीटिंग में 15 समस्याओं को रखा गया, जिनमें से दो शिकायतकर्ता के नहीं पहुंचने पर उनके पास फोन करके पूछा गया तो उनमें से एक ने समस्या का समाधान शुक्रवार सुबह को विभागीय अधिकारियों द्वारा करने की बात कही। वहीं, एक ने समाधान नहीं होने के कारण परेशान होकर आने से इंकार कर दिया। इस तरह वहां रखी गई 15 शिकायतों में केवल एक का निस्तारण हुआ और अन्य 13 में फरियादियों को मायूसी मिली। वहां जिन विभागों की शिकायत आई थी, उन विभागों के अधिकारियों ने मंत्री के सामने शिकायतों के निपटारे का दावा किया, लेकिन शिकायत करने वाले लोगों ने कई अधिकारियों पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगा दिया। वहां लोगों ने कई अधिकारियों पर आरोप लगाए और उन शिकायतों के निपटारे की जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की मांग रखी। हालांकि मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को दोबारा समस्याओं का सही तरीके से समाधान करने की बात कही, जिससे अगली मीटिंग में फरियादी उस निस्तारण से संतुष्ट हो सकें। वहीं, मंत्री ने साफ कहा कि समस्याओं के समाधान में कोई अधिकारी लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वाटर कूलर की खरीद में घोटाला
बड़ौली गांव के सुशील कुमार, कंवल सिंह आदि ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव में छह वाटर कूलर लगवाए गए हैं। इनका रुपया पंचायत के खाते से दिया गया है, जबकि इन वाटर कूलरों पर कोई कंपनी का मार्का नहीं है। वहीं, इनकी बाजार कीमत 35-40 हजार रुपये होने का दावा किया गया था और इनको ज्यादा कीमत में लगवाने की बात कही गई। इसकी जांच कराने पर घोटाला होने की बात सामने आई, जिससे सरपंच उज्जवल व सचिव मंजीत को सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा इनसे रिकवरी करने की तैयारी की गई है तो डीसी ने आगे की जांच शुरू कर दी। वहीं बागरू गांव के बलगानंद बैरागी ने स्वच्छता अभियान के नाम पर शौचालयों के लिए जारी रुपया उनके पास तक नहीं पहुंचा, जिनको उसका फायदा मिलना चाहिए था। इस मामले में भी मंत्री नायब सैनी ने पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने के आदेश दिए तो इसमें शामिल अन्य पर भी शिकंजा कसने के लिए कहा गया है।
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बीडीपीओ कार्यालय से नहीं मिला रिकार्ड
राई हल्के के भाजपा कार्यकर्ता संजय सिंह की ओर से शिकायत की गई थी कि राई ब्लाक में मुख्यद्वार, लोहे के गेट, हाईमास्क चलाइट लगाने में 50 लाख रुपये का गबन किया गया है। यह शिकायत करने वाला मीटिंग में नहीं पहुंचा, लेकिन इस मामले में जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य मनोज जैन को जांच करने के लिए मंत्री ने कहा था, जिसमें जांच के लिए वह बीडीपीओ राई कार्यालय में संबंधित कागजात लेने पहुंचे तो उनको कोई भी कागज देने से इंकार कर दिया गया। उन्होंने एडीसी कार्यालय से भी कर्मी के आने की बात कही, लेकिन वहां से रिकार्ड देने से मना कर दिया गया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को सख्ती से निर्देश दिए कि इस मामले की जांच में सहयोग किया जाए।
नहीं मिल रही सुरक्षा, बना है जान को खतरा
पानीपत जिले के सिवाह गांव के वेदपाल ने मंत्री को बताया कि उसकी जान को अभी तक खतरा बना हुआ है और रंजिशन उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। पुलिस न उसको सुरक्षा दे रही है और न उसके पुराने हत्या के मुकदमे की जांच में कुछ किया जा रहा है। मंत्री ने उसको आश्वासन दिया कि वह इस मामले में डीजीपी से बात करेंगे और वह जिससे भी जांच कराना चाहता है, उससे ही जांच करा दी जाएगी।
ठेका बिजली कर्मी से लिखवाया फर्जी पत्र
धनाना गांव का विकास काफी समय से करनाल में बिजली ठेका कंपनी के अंतर्गत काम करता है। उसने तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत सीएम विंडो पर दी। शिकायतकर्ता यहां का होने के कारण शिकायत को यहां भेज दिया गया। यहां के बिजली निगम कार्यालय से करनाल में इस बारे में बताया गया तो विकास को वहां बुलाकर फर्जी लिखवा लिया गया कि उसे वेतन मिल गया है। इस मामले में मंत्री ने बिजली निगम अधिकारियों से करनाल में संपर्क करके मामला सुलझवाने के लिए कहा।
ठेकेदार ने कहा, मेरे यहां लूट नहीं हुई, फिर भी मुकदमा
दातौली गांव के रहने वाले फौजी जोगेंद्र के परिवार के लोगों पर गन्नौर थाने की पुलिस ने ठेके में लूटपाट, तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। जबकि ठेकेदार महेंद्र ने लिखकर दिया है कि उसके ठेके में कोई लूटपाट व तोड़फोड़ नहीं हुई है, बल्कि लोगों ने केवल ठेका खोलने का विरोध किया था। इसके बावजूद पुलिस ने लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उसे खत्म कराने के लिए फौजी का परिवार मंत्री से मिलने पहुंचा, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनको मिलने नहीं दिया। इसके अलावा भी कई आरोप उन्होंने पुलिस पर लगाए।
एसपी के सामने गंगाजल रखकर महिला बोली, सौगंध खाओ
बैठक में एसपी के सामने गंगाजल रखकर एक महिला ने उसे न्याय दिलाने की सौगंध खाने की बात कही। एसपी ने महिला से गंगाजल लेकर हर संभव मदद करने की बात कही। बुजुर्ग निर्मला ने बताया कि उसके बेटे की ढाई साल पहले हत्या कर दी थी, पुलिस उस मामले को सुसाइड बता रही है। महिला ने उसके बेटे की मौत के कारणों को उजागर कर मामले में शामिल आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की।
फरियादियों को पुलिस ने बाहर निकाला
मीटिंग में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने पुलिस ने सभागार से बाहर निकाल दिया। वहां कहा गया कि जिन लोगों की शिकायतें रखी जाएंगी, केवल वह लोग ही वहां बैठ सकते हैं। इस तरह काफी लोग वापस चले गए तो अन्य को घंटों तक मीटिंग खत्म होने का इंतजार करना पड़ा। उसके बाद ही वह मंत्री से मिले और उनको अपनी समस्याएं बताईं।
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