सांकेतिक बंद के दौरान नारेबाजी करते खाद बीज विक्रेता। संवाद
सोनीपत। प्रदेश में खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाई विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक बंद की अपील की। इस बंद के तहत सुबह से लेकर दोपहर 2 बजे तक सभी विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
जिला फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड एंड सीड्स एसोसिएशन के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि विक्रेता अत्यंत विकट परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। इसके चलते यह आंदोलन करना आवश्यक हो गया है। पिछले कई वर्षों से विक्रेताओं पर लगातार अनावश्यक दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-जरूरी उत्पादों की जबरन टैगिंग की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही उर्वरकों पर डीलर मार्जिन में बढ़ोतरी की जाए ताकि बढ़ती लागत के बीच विक्रेता अपना कार्य सुचारू रूप से चला सकें।
उन्होंने यह भी मांग की है कि सभी उर्वरक विक्रेताओं को फ्री ऑन रेल व रोड आधार पर उनके सेल्स पॉइंट तक सामग्री उपलब्ध करवाई जा। जिससे अनावश्यक परिवहन भार से राहत मिल सके। उन्होंने कानूनी सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सीलबंद उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं को सैंपल फेल होने की स्थिति में जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है।
इसके अलावा साथी पोर्टल को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी अनिवार्यता केवल निर्माता कंपनियों तक सीमित रखी जाए इसे विक्रेताओं पर थोपना उचित नहीं है। साथ ही खाद, बीज एवं कीटनाशक दुकानों पर सैंपलिंग एक नियमित प्रक्रिया है, इसलिए इसे छापे के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय निरीक्षण शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए।