20 दिन से थी शिवचरण गुप्ता की तबीयत खराब
समिति अध्यक्ष आनंद ने कहा कि आश्रम में पत्नी मीना के साथ डेढ़ वर्ष से रह रहे शिवचरण गुप्ता की 20 दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। इसके चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत के बाद बारे में उनकी बेटियों को सूचना दी गई। इसके बाद वह आते हैं-आते हैं, कहती रहीं। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटियों का इंतजार करते करते शिवचरण गुप्ता ने भी तीन अगस्त की रात को आखिर सांस ले ली। इस बारे में भी उनकी बेटियों को सूचित किया गया। इसके बाद बावजूद कोई नहीं आया।
अंतिम संस्कार के लिए बेटियों ने भेजे 5100 रुपये
नेपाल में रहने वाली बड़ी बेटी अनीता से छोटी व मुंबई निवासी प्रिया से बड़ी यूपी के आजमगढ़ निवासी निशा वर्मा ने 5100 रुपये पिता के अंतिम संस्कार के लिए भेजते हुए कहा कि अंतिम दर्शन मोबाइल पर करा देना। उन्हें उनके पिता की देहदान की अंतिम इच्छा के बारे में बताया तो साफ मना कर दिया। बेटियों ने सिर्फ नेत्रदान की अनुमति दी। यही नहीं दूरी का हवाला देते हुए अपने नहीं आने की बात कहते हुए पिता की अस्थियां भी समिति को ही प्रवाहित करने के लिए कह दिया। समिति सदस्य प्रवीण वर्मा, आनंद कुमार, शिव शंकर शर्मा, यश बंसल, जगत सिंह व अन्य ने शिवचरण गुप्ता की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया।