फोटो : सोनीपत के गांव गुहणा में धरने पर बैठे किसानों से बात करते पावर ग्रिड के इंजीनियर राहुल।
सोनीपत। गांव गुहणा में जाजी-सिवानी पावर ग्रिड लाइन परियोजना के लिए किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक भूमि की वास्तविक बाजार कीमत के अनुसार मुआवजा नहीं मिलता तब तक परियोजना का कोई कार्य शुरू नहीं होगा।
धरने के दौरान पावर ग्रिड के प्रतिनिधि किसानों से बात करने पहुंचे। उन्होंने कार्य शुरू कराने का आग्रह किया और कहा कि सरकार या न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाएगा। किसानों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
किसानों का कहना है कि गुहणा क्षेत्र के छह गांवों जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, बिलबिलान और आंवली में भूमि की वर्तमान बाजार कीमत पांच करोड़ रुपये प्रति एकड़ से अधिक है। उन्होंने उचित मुआवजा मिलने के बाद ही किसी सहमति पर विचार करने की बात कही।
किसानों ने आरोप लगाया कि जाजी गांव में पहले स्थापित एक अन्य बिजली लाइन के दौरान भी बाजार कीमत देने का आश्वासन मिला था पर भुगतान नहीं हुआ। उनके अनुसार, सरपंच के परिवार की चार एकड़ भूमि में 19 खंभे लगे फिर भी उन्हें निर्धारित बाजार कीमत नहीं मिली।
धरनारत किसानों ने बताया कि 28 जून को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर उन्होंने अपनी मांगों और बाजार कीमत की दरें उपायुक्त के माध्यम से सरकार को लिखित में भेजी हैं। किसानों ने यह भी बताया कि कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा भी उनकी मांगों के समर्थन में प्रशासन से उचित समाधान की पैरवी कर चुके हैं। किसानों ने दोहराया कि उचित मुआवजे के बिना पावर ग्रिड का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।