बिजली निगम की ओर से मुंडलाना से महमूदपुर तक खेतों के बीचोंबीच नई लाइन बिछाने के लिए किए जा रहे कार्य को रुकवा दिया। गांव सिरसाढ़ में किसानों ने इसका जमकर विरोध किया। इसकी सूचना मिलने पर गांव में काफी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा, लेकिन किसानों ने काम शुरू नहीं होने दिया। उन्होंने निगम अधिकारियों से पानीपत-रोहतक रेलवे लाइन, खेतों या सड़क किनारे लाइन बिछाने के लिए खंभे गाड़ने की मांग की। इसकी सूचना पर एसडीएम प्रदीप कुमार व तहसीलदार रोशन लाल भी निगम अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांग सुनकर उचित समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान शांत होकर लौटे।
बिजली निगम का गांव मुंडलाना में बिजलीघर स्थापित है। इस बिजलीघर से निगम द्वारा महमूदपुर गांव तक लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए निगम ने खेतों के बीच से खंभे गाड़ने का काम शुरू करवाया। सोमवार को इसकी जानकारी लगने पर गांव सिरसाढ़ में किसान एकत्रित हुए और इस कार्य का विरोध किया। उन्होंने खंभे गाड़ने के कार्य को रुकवाया। इसके साथ ही भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल के अलावा सुरेंद्र लाठ, भगत सिंह, रामचंद्र लठवाल समेत आसपास के गांवों से भी किसान पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि निगम ने बगैर उन्हें सूचना दिए उनके खेतों में खंभे गाड़ने का कार्य शुरू कर दिया। भविष्य में इनके कारण उन्हें काफी नुकसान होगा। किसानों ने निगम अधिकारियों से रेलवे लाइन और खेतों के किनारे या फिर सड़क किनारे खंभे गाड़ने की मांग की।
किसानों ने कहा कि वह खेतों से लाइन को नहीं गुजरने देंगे। इसकी जानकारी मिलने पर काफी संख्या में पुलिस बल पहुंचा, लेकिन किसान नहीं मानें। इसके बाद निगम अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। वहीं, किसान भी इसको लेकर एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। इस पर एसडीएम प्रदीप कुमार, तहसीलदार रोशनलाल व बिजली निगम के एसडीओ दीपक मौके पर पहुंचे। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से खेतों के बीच की बजाय अन्य जगह से लाइन को गुजारने की मांग की। इस पर एसडीएम ने किसानों को उचित समाधान का आश्वासन दिया। इसके साथ ही किसानों की मांग पर दूसरी जगह से लाइन गुजारने के लिए एक कमेटी बनाकर सर्वे करने के निर्देश दिए। इस पर किसानों ने सहमति जताई और उसके बाद शांत होकर लौट गए।