सोनीपत/कुंडली। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। कंपकंपाती ठंड, कोहरे व शीतलहर के बीच महिलाएं व बुजुर्ग भी खासी संख्या में डटे हैं। सरकार के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं व बुजुर्गों को वापस भेजे जाने की सलाह किसानों को दी है, लेकिन महिलाओं ने साफ कर दिया है कि वह वापस जाने वाले नहीं हैं। वह यहां अपने परिजनों के साथ न केवल डटी रहेंगी बल्कि ट्रैक्टर यात्रा में भी उनके साथ रहेंगी। सरकार को यदि उनकी इतनी चिंता है तो तीनों कृषि कानून वापस लेकर उन्हें वापस भेज दें।
कुंडली बॉर्डर को 49 दिन से सील किए बैठे किसान अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर यात्रा की तैयारियों में लगे हुए हैं। यात्रा में भाग लेने के लिए पंजाब व हरियाणा से लगातार किसानों के जत्थे कुंडली बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि पहले से ही जहां किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी देखी जा रही है वहीं, अब पहले से ज्यादा संख्या में महिलाएं यहां पहुंच रही हैं। सरकार के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में किसानों को सलाह दी थी कि ठंड व अन्य दिक्कतों को देखते हुए महिलाओं व बुजुर्गों को घर वापस भेज दिया जाए, लेकिन महिलाओं ने इस सलाह को मानने से साफ इनकार कर दिया है। महिलाओं ने तय किया है कि वे यहीं डटी रहेंगी और अपने परिजनों के साथ ट्रैक्टर-परेड में भी भाग लेंगी। बुजुर्ग वापस जाने की सलाह को पहले ही नकार चुके हैं। उनका कहना है कि अब तो कृषि कानून रद्द होने के बाद ही वे घर की तरफ रवाना होंगे, वरना अब दिल्ली बार्डर ही उनका घर है।
हरप्रीत कौर, राजबीर कौर व हरसिमरन ने साफ कहा कि उनकी चिंता को दूर करना चाहते हैं तो तुरंत केंद्र को इन कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। वह दो घंटे में बॉर्डर खाली कर अपने घरों को लौट जाएंगे। धरनेपर बैठे बुजुर्ग जगमेंद्र व महिंद्र सिंह ने कहा कि बुजुर्ग युवाओं से आगे चलकर इस कानून का विरोध करते आए हैं। वह कानून वापस लेने पर ही लौटेंगे।
पंजाब से रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां
26 जनवरी की परेड में भाग लेने के लिए पंजाब में तेजी से प्रचार व आह्वान किया गया है। जिसके कारण अचानक से पंजाब की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई है। ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगातार देखीजा रही हैं। जीटी रोड पर कुंडली बॉर्डर से लेकर अब केएमपी-केजीपी के जीरो प्वाइंट के नजदीक ट्रालियों की कतारें पहुंच चुकी हैं। यहां पहुंच रहे किसानों के महिलाएं भी पहुंच रही हैं। उधर, राजस्थान व यूपी से भी किसानों के जत्थे लगातार पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि 26 जनवरी की यात्रा के लिए वह अपनी सभी तैयारियां 20 जनवरी तक ही पूरा करना चाहते हैं। यहीं कारण है कि किसान अभी से जुटने शुरू हो गए हैं।