कुंडली बॉर्डर पर गुरु पर्व मनाने के दौरान सजाया गया मंच।
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हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली बॉर्डर पर धरनारत किसानों ने धूमधाम से गुरु पर्व मनाने का निर्णय लिया था। गुरु पर्व के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद दिनभर रही गहमागहमी के बीच गुरु पर्व पर कार्यक्रम नहीं हो सका था। जिसके चलते शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शनिवार को आंदोलन स्थल स्थित मुख्य मंच को फूलों व रंगीन झालरों से सजाया गया। इस दौरान गुरु नानक देव की शिक्षाओं को याद किया गया। कीर्तन जत्थों ने शानदार कार्यक्रम के प्रस्तुति देकर संगत को निहाल किया। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि तीन कृषि कानून रद्द कराकर किसानों ने पहली विजय प्राप्त कर ली है। गुरुनानक के मार्ग पर चलकर किसान अपनी सभी मांगों को पूरा करा लेंगे।
बॉर्डर पर दिनभर रही हलचल
कुंडली बॉर्डर पर दूसरे दिन भी हलचल बनी रही। कृषि कानून वापस लेने की घोषणा को किसान अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। किसानों ने बॉर्डर पर लोगों को प्रसाद वितरित किया। इसके अलावा किसान अलग-अलग जत्थों में जश्न भी मनाते रहे। इस दौरान जीप व ट्रैक्टर पर खड़े होकर खुशी मनाई गई। युवाओं ने जलूस निकाला और नाचते दिखे। किसानों के पक्ष में नारेबाजी भी की गई।
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कुंडली बॉडर पर बढ़ने लगी भीड़
तीन कृषि कानूनों की वापसी के साथ अन्य मांगों को पूरा करने का आह्वान करने के बाद कुंडली बॉर्डर पर भीड़ बढ़ने लगी है। कुंडली बॉर्डर पर छह हजार से अधिक किसान डटे हुए हैं। हालांकि रविवार की बैठक व किसान नेताओं के आह्वान के बाद अब फिर से भीड़ बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।